अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे
मेरी जान मैं तो तुम्हे हर रोज़ अपने दिल की आँखों से देख कर आँहें भरता था
हर रोज़ सपनों में ही बुलाकर तुमको मैं बस यही कहना चाहता था कि आई लव यू
तुम भी मुस्कुरा कर आती थी मेरे सपनों में मुझसे मिलने और कहती थी जान आई मिस यू
और मैं तुमसे ये कहता था कि तुम मुझे ना जाने कब आई मिस यू से आगे बढ़ेगी
उसने कहा मुझसे कि इश्क़ की आग तड़पने से और बढ़ जाती है इसलिए तुम्हे अभी और मैं तड़पाऊंगी
दिन-रात तुम्हारे ख्यालों में आकर तुम्हारी नींद और तुम्हारा चैन एक-एक कर के चुराऊँगी और तुम्हे तड़पाऊंगी
हुसन की ज़िद होती है कि वो इश्क़ को तड़पाकर पूरा मज़ा लेती है और इश्क़ बस ठंडी आहें ही भर पाता है
प्यार इश्क़ और मोहब्बत तो ज़माने में बहुत से लोग करते हैं पर इश्क़ में जलने का मज़ा तो मुझ सा आशिक़ ही ले पाता है
अभी तो आई हो मेरी जान कुछ देर तो ठहरो चले जाना ऐसी भी क्या जल्दी है जाने की
मुझे करनी है बहुत सी बातें तुमसे अभी मैं कोशिश करूँगा तुम्हे अपना बनाने की
ये जवानी तन्हा नहीं कट पायेगी, इस पर कुछ तो रहम कर लो और अपने हाथ मेरे हाथों में दे दो
अगर हम और तुम एक हो जाएँ मोहब्बत में तो दोनों को मिल जायेंगे उम्र भर के लिए खूबसूरत सहारे
अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे
ये रस्मो-रिवाज़ दुनिया के और ये पाबंदिया अपनों और परायों की हमें जीने नहीं देती हैं
जब भी तेरी हसरत भरी आँखें देखती हैं मेरी तो मैं अपने आप को भूल कर तेरे पीछे-पीछे चल देता हूँ
कच्ची कलियों से भी नाज़ुक हैं मेरे ये प्यार भरे अरमान, जी मेरा ये करता है इनको आज तेरे हवाले मैं कर देता हूँ
आज का ये ख़ूबसूरत समां और ये मस्त घटाएं लगता है कि आज मुझ पर प्यार भरी बारिश हो सकती है दोस्तों
बाँहों में डाल के बाहें आओ हम घूम लेते हैं इस सुहाने मौसम में और कर लेते हैं वादा एक-दूजे संग रहने का
जब बातें कर रही हो एक-दूसरे की धड़कने आपस में तो फिर क्या मतलब है अपने जज्बातों को लफ़्ज़ों से कहने का
मैं तो हमेशा से तेरी ही गलियों के चक्कर लगाता था कि शायद तुमसे हो जाये मुलाकात किसी खूबसूरत से मोड़ पर
हर वक़्त तो रहती हो तुम अपनी सहेलियों के साथ, कभी तो मिलो मुझसे अकेले में अपनी सखियों को पीछे छोड़ कर
जब से दिल तुमसे लगा बैठे हैं तो हमने ये जाना है कि दिल का लगाना हमारे हाथ में नहीं होता
जब हम चाहे किसी को और वो हमें मिल भी जाए ऐसा मुश्किल है ये अक्सर हमारे साथ में नहीं होता
वो प्रेम-कहानी ही क्या है जो शुरू होते ही पूरी हो जाये, वो महबूबा ही क्या जो दो मुलाकातों में ही अपना कहना मान जाये
इश्क़ की कश्ती को हमारी आज टकराने दो तूफानों से, क्या करना है इसको खड़ी करके लहरों के किनारे
अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे
कभी हाँ तो कभी ना ये सब छोड़ दो तुम और अपना इरादा पक्का कर लो साथ रहने का उम्र भर
मैं तो तुम्हे मनाता ही रहूँगा सारी उम्र अगर तुम यूँ ही रूठती रहोगी पर चलूँगा तुमको हर कदम साथ लेकर
साथ में चलोगे अगर हमारे तो हम-दोनों लेंगे मिलकर इस ज़िन्दगी के नज़ारे एक-दूजे के सहारे
चलो हमने तुमको दे दी छूट कि तुम जब चाहो अपनी अदाओं की बिजलियाँ हम पर गिरा सकती हो
पर ये भी जान लो तुम कि अगर दिल को ज़ख्म दोगे तुम तो इस पर मरहम भी तुमको लगाना होगा
चाहे तुम्हे पसंद हो या ना हो पर कभी-कभी जो हमको हो पसंद वो गीत तुमको भी सुनाना होगा
मैंने तेरी शान में लिखीं हैं ना जाने कितनी खूबसूरत कविताएं जिस पर हमें सच में बहुत नाज़ है
चलो आज मिलकर गा लेते हैं कोई नया प्यार भरा नगमा क्यूंकि जो कुछ भी है वो बस अभी है आज है
जब मैं कहता हूँ तुमको प्यार करने को तो तुम कल पर टाल कर मज़ा लेती हो
अच्छे से जानती हो कि हमारा दिल कितना नाज़ुक है, फिर भी हमें तुम बड़ी ही हसीन सजा देती हो
मेरी तुमसे है एक छोटी सी गुज़ारिश कि अगर मिलने का वादा करो तो फिर उसको निभाया भी करो
कल मैंने बहुत देखी थी राह तेरी कि तुम अब आओगे लेकिन तुम ना आये और रात सारी बीत गयी तेरी यादों के सहारे
अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे
दिल जला कर मेरा तुम जो मुस्कुरा देती हो तो कसम से अरमान हमारे हो जाते हैं ठन्डे
अपनी गलती को छुपाने की ख़ातिर तुम ना जाने क्या-क्या मिसाल देती हो और मैं भी तुम पर यकीन कर लेता हूँ
ये जानता हूँ मैं अक्सर कि ये है तुम्हारी एक नयी साजिश फिर भी मैं अपने दिल को एक नयी तस्सली दे देता हूँ
मैंने तो अपनी हर साँस तेरे नाम कर दी है आज से बिना सोचे-समझे इस उम्मीद में कि तुम मुझे अपना लोगे
इंतज़ार रहेगा मुझे तेरी हाँ का हरदम, शायद कभी ना कभी तुम हमारी चाहतों को एक खूबसूरत सा नाम दोगे
अब और कितना वक़्त लोगे तुम ये कहने में कि तुम भी मुझ से बहुत मोहब्बत करते हो
ये जो तुम्हारी ना और हाँ के बीच का सफर है ये भी बहुत ही बेचैनी से भरा है और हम चल रहे हैं
कभी ना कभी तो तुम्हे कर लूँगा मैं हाँसिल, ये सोच कर अरमान मेरे ना जाने कब से मचल रहे हैं
आज का दिन बहुत ही हसीन लगता है कि तुमने हाँ करके किया मुझे कबूल, मुझे लगते हैं तेरे नैना बड़े ही प्यारे
अगर तूँ आज हाँ कर दे और कर ले मुझे कबूल तो मैं ये चाँद-सितारे सजा दूँ माथे पर तुम्हारे
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