
गा रहा हूँ इस महफ़िल में, दिल की दास्ताँ लिए,
हर खुशी के साथ अपनी कुछ दर्द भी छुपा लिए।
जो भी सुन ले मेरी धुन को, मुस्कुरा के कह उठे,
ज़िंदगी के हर सफ़र में, गीत ही हैं हमसफ़र बने।
कल की टूटी ख्वाहिशों को आज सुर में ढाल दूँ,
आँसुओं की हर नदी को प्यार का मैं ताल दूँ।
जो बिछड़ गए हैं राह में, उनको भी सलाम है,
उनकी दी हुई दुआओँ से ही मेरा नाम है।
हर अँधेरा हार जाएगा, जब सवेरा गुनगुनाएगा,
उम्मीदों का एक परिंदा फिर से घर लौट आएगा।
गा रहा हूँ इस महफ़िल में, दिल की दास्ताँ लिए,
हर खुशी के साथ अपनी कुछ दर्द भी छुपा लिए।
तालियों की गूँज में भी एक ख़ामोशी रहती है,
मुस्कुराते चेहरों के पीछे एक कहानी बहती है।
राह में जो काँटे आए, फूल बन के खिल गए,
हौसलों के कारवाँ फिर मंज़िलों से मिल गए।
हार को भी जीत समझकर मैंने गले लगाया है,
ज़िंदगी ने हर सबक मुस्कान से सिखाया है।
जो गिरा है, वही संभला है, यही सफ़र का राज़ है,
चलते रहने वालों के ही हाथ में परवाज़ है।
आज दिल खुलकर गाने दो,
हर एहसास बह जाने दो।
जो कहना था बरसों से,
इन सुरों में कह जाने दो।
जब कभी ये शाम ढलेगी, याद मेरा गीत आए,
हर किसी के दिल के अंदर एक नई उम्मीद जगाए।
नाम मिट भी जाए मेरा, धुन मगर ज़िंदा रहे,
प्यार से जो गाया जाए, वो सदा ज़िंदा रहे।
गा रहा हूँ इस महफ़िल में, बस मोहब्बत बाँटने,
नफ़रतों की हर दीवार को प्यार से ही काटने।
जब तलक ये साँस चलती, गुनगुनाता ही रहूँ,
आप सबकी मुस्कानों में अपनी दुनिया मैं चुनूँ।
गा रहा हूँ इस महफ़िल में, ये सफ़र यूँ ही रहे,
हर दिलों की धड़कनों में मेरा ये नग़्मा बहे।




