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अपने ज़ख़्मी दिल पर अब तुम खुद ही मरहम लगाना सीख लो

अपने ज़ख़्मी दिल पर अब तुम खुद ही मरहम लगाना सीख लो

ये मत सोचना कि कोई आएगा तुम्हारा हमदर्द बनकर

अपने ये ज़ख्म कभी भी लोगों को मत दिखाना मेरे दोस्त

लोग अपने हाथों में नमक रखते हैं तेरे ज़ख्मो पर छिड़कने को

किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस हाल में जी रहे हो तुम

तेरी मज़बूरी का पूरा फायदा भी उठाया जायेगा

तैयार रहना तू हर बुरे दौर से गुजरने के लिए भी

तेरी जेब आज ख़ाली है और दिल ग़म से भरा हुआ

जो तज़ुर्बा ज़िन्दगी तुझे दे रही है वो अनमोल है

सीख ले हर फलसफा जो ये मुश्क़िल वक़्त तुझे सीखा रहा है

इन्ही हालातों से निकल कर ही तू ज़िन्दगी में आगे बढ़ पायेगा

बस तूँ ये सोचना कि क्या लेकर आया था और क्या लेकर जायेगा

कुछ तो ऐसा कर दे इस ज़िन्दगी में कि तेरा नाम हो ज़माने में

याद तुझे रखें सभी एक ज़िंदादिल इंसान के तौर पर

तू बस अकेला ही बहुत है अपनी किस्मत बदलने के लिए

बस तुम अब हर हालात के कदम से कदम मिलाना सीख लो

अपने ज़ख़्मी दिल पर अब तुम खुद ही मरहम लगाना सीख लो