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आज कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाये कि ये हसीन शाम दोस्तों के नाम हो जाये

आज कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाये कि ये हसीन शाम दोस्तों के नाम हो जाये

काफी वक़्त गुजर गया अपने यारों के साथ बैठे और बातें किये हुए

आज दिल मेरा कुछ बेचैन सा है और बहुत कुछ कहना है मुझको

मेरे दोस्त ही इस हाल में मेरा हाल ऐ दिल सुन सकते हैं

जब कभी ग़म और हालात से मैं घबरा जाता हूँ

तो मैं अपने दोस्तों की महफ़िल में आ जाता हूँ

बेचैन दिल ये मेरा बहल जाता है पल दो पल ही सही

ये ज़िन्दगी बहुत बेरहम हो जाती है जब कभी मुझ पर

तो मेरे ये कदम चले आते है मेरे दोस्तों के ठिकाने पर

लोगों का क्या है ये तो हर वक़्त चाहते है कि आप लड़खड़ा जाएं

पर जब दोस्त हो सँभालने वाले तो फिर डरने की क्या बात है

कभी कभी ये दोस्त भाई से बढ़कर भी हो जाते हैं

दिल का रिश्ता कभी कभी खून के रिश्ते से बेहतर होता है

मेरी ज़िन्दगी का तो दोस्तों यही है फलसफा

कि जिनके दोस्त होते हैं उनकी ज़िन्दगी खूबसूरत बन जाती है

बस यही चाहता हूँ कि दोस्तों के नाम मेरी हर सुबह और शाम हो जाये

आज कुछ ऐसा इंतज़ाम हो जाये कि ये हसीन शाम दोस्तों के नाम हो जाये