आज फिर से एक बार कोशिश की है

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आज फिर से एक बार कोशिश की है

बार बार हार जाने से निराश नहीं होते 

ये जीवन है हमारे हिसाब से नहीं चलता

चलना होता है जो भी हो चाहे डगर

कभी मिलते हैं इन राहो में फूल तो कभी पत्थर

चलते चलते जब कभी थक भी जाते हैं

ये सोचना कि सफर अभी काफी तय करना है

देख लेना एक बार अपने आस पास भी कुछ लोगो को

जिनके पास न तो घर है और ना ही ठिकाना

जब भी कभी अपना जीवन देखो तो उस पर इतराना

फिर से उठ जाना और बस चलते जाना चलते जाना

आज फिर से एक बार कोशिश की है