आज मौसम बहुत सुहाना लगता है
सावन की पहली बारिश की बूँदे हैं
दिल मेरा आज ख़िला हैं गुलाब की तरह
कोयल की मधुर आवाज़ कानों में रस घोल रही है

तोता मैना की कहानी आज अपनी सी लगती है
बरसों बाद आज फिर से मुस्कुराया हूँ मैं
मेरे प्यासे इस दिल पर तुम बारिश बन कर बरस जाओ
ये ठंडी हवा के झोंके मुझे मस्त कर रहें हैं
रूह में आज फिर से मैंने सुकून महसूस किया है

ये गुलाब के फूल और पत्तिया इस गुलशन की
मुझसे कहती हैं आजा किसी से इश्क़ कर ले पर
भवरें आज मंडरा रहें हैं फिर से कली कली
ये मौसम बरसों बाद फिर से बेईमान हो रहा है
आज मौसम बहुत सुहाना लगता है
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