इश्क़ के बाजार में जरा खुद को लुटा कर देख ले
होती है क्या मोहब्बत ज़रा तूँ भी कर के देख ले
कदम कदम पर देना होता है इम्तिहान आशिकों को
ज़रा तूँ भी इन आग के शोलों पर चल के देख ले

सब छोड़ जायेंगे तेरा साथ बीच राह में ही
तूँ एक बार अपनी कश्ती को तूफान में उतार के देख ले
लोग कहतें रहेंगे तुझसे कि कभी इश्क़ नहीं करना
पर तूँ एक बार उनका कहा झुठला के देख ले
मज़ा भी आता और दर्द भी बहुत ही होता है दोस्त
तूँ एक बार किसी से ये दिल लगा के देख ले
मिट ना जाये तेरी हस्ती बस यूँ ही तो कहना

तूँ एक बार किसी को अपना बना के देख ले
आशिक़ तो वाकई पागल हो जाते हैं इश्क़ में
तूँ एक बार किसी का नाम अपने दिल पर लिखा कर देख ले
इश्क़ के बाजार में जरा खुद को लुटा कर देख ले
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