ऐ गुज़रने वाली हवा मुझको भी साथ ले चल

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ऐ गुज़रने वाली हवा मुझको भी साथ ले चल

तेरे संग संग मैं भी नज़ारे देख लूंगा दुनिया के

जब भी पतंग उड़ रही होगी किसी की

तो मैं भी उसको थोड़ी और ढील दे दूंगा

जब कभी आसमान के ऊपर पंछी उड़ रहे होंगे

तो पूछ लूंगा कि कहाँ जाने का इरादा है

जब भी देखूंगा किसी आशिक़ को रोते हुए

तो उसकी महबूबा को ये पैगाम दे दूंगा

ऐ मस्त हवा के झोंके मुझे भी अपने साथ ले चल

मैं भी देखूंगा कि ये बदल कैसे बरसते हैं

आखिर कैसे लोग बारिश का मजा लेते हैं

जब देखूंगा सूरज की पहली किरण धरती को छूते हुए

तो ये नज़ारा मैं अपने दिल में क़ैद कर लूंगा

ज़मीन पर तो बहुत रह लिया मैं अब तक

अब तो मैं आसमान में उड़ना चाहता हूँ पंछी बनकर

शायद मेरा दिल भी कुछ देर बहल जाये

वहाँ पर नहीं होंगी ज़िन्दगी की दुशवारियाँ

अगर सनम मेरा भी मेरे साथ हो ऐसे में

तो हम दोनों इस मौसम और माहौल का मजा लेंगे

जब भी देखूंगा झरने को बहते हुए

तो तेरा प्यार मुझे याद आएगा तेरी वो नज़र याद आएगी

मेरे होठों पर तुझे पाने की फरियाद फिर से आएगी

अब इस ख्याल से मेरा मन हो रहा है चंचल

ऐ गुज़रने वाली हवा मुझको भी साथ ले चल