कदम बढ़ा रहा हूँ मैं मंज़िल की तरफ धीरे धीरे ही सही

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कदम बढ़ा रहा हूँ मैं मंज़िल की तरफ धीरे धीरे ही सही

माना कि रास्ता है लम्बा और सफर है मुश्किलों से भरा

अगर इरादा पक्का हो तो कामयाबी मिल ही जाएगी

हर रोज़ होगी जंग तेरी तुझसे ही याद रखना

दिल कुछ कहेगा और दिमाग कुछ और

ज़माना भी नहीं देगा तेरा साथ इस सफर में

तेरे अपने भी तुझसे किनारा कर सकते हैं

ज़िद होनी चाहिए कुछ कर गुजरने कि तुझमे

तूफानों से टकराने का होंसला रखना अपने सीने में

कुछ कर दिखाया तो लोग देंगे मिसाल तेरी मेहनत की

चलते जाना ही ज़िन्दगी है रुकना मौत से भी बदतर है

खुदा तेरे साथ है पर भरोसा तेरा खुद पर ज़रूरी है

कदम बढ़ा रहा हूँ मैं मंज़िल की तरफ धीरे धीरे ही सही