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कब तक जियोगे यूँ ही उधार की ज़िन्दगी अपने भी कुछ उसूल होने चाहिए

कब तक जियोगे यूँ ही उधार की ज़िन्दगी अपने भी कुछ उसूल होने चाहिए

अपने काम के लिए दूसरों की तरफ देखना जिस दिन छोड़ दोगे

उसी दिन से तेरी नयी जिंदगी शुरू हो जाएगी मेरे दोस्त

तुझे देखने होंगे कुछ ख्वाब अपने लिए भी अक्सर

तेरे सीने में भी कुछ करने का जूनून होना चाहिए

ये चाँद और सितारे आसमान पर यूँ ही नहीं राज करते

कुछ तो बात है कि लोग तकते हैं रात को आसमान की और

लोगों की इस बनावटी दुनिया की झूठी चकाचौंध से अपनी आँखों को बचाना

तेरी नज़र तो बस तेरे ही निशाने पर हर वक़्त रहनी चाहिए  

क्या सही है और क्या गलत ये कोई ना बताये तुझको

तेरे दिल को भी हर आने वाली आहट का अहसास होना चाहिए

अगर किसी को तोहफा देना है तो अपनी दुआ दे देना उनको 

जिन लोगों ने तेरी कामयाबी के लिए पसीना बहाया है

जब क़यामत के दिन तेरे कर्मों का हिसाब होगा ख़ुदा के सामने

तो तेरे किये सभी अच्छे काम इबादत में क़बूल होने चाहिए

कब तक जियोगे यूँ  ही उधार की ज़िन्दगी अपने भी कुछ उसूल होने चाहिए