कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

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कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

तूँ ये देख रहा है कि जीवन का रथ आगे बढ़ रहा है निरंतर

इस जीवन का है ये नियम कि जो भी इसमें ठहर गया, समझो वो ही फिर यहाँ हार गया

जो भी अपनी धुन में चलता है निरंतर, बस वही इस जीवन नैयाँ से पार पा गया

ये भी तो अटल सत्य है कि अँधेरा चाहे कितना भी घना क्यों ना हो लेकिन

सूरज की रौशनी हर रोज़ कुछ नई राहों को गुलज़ार करती है

रातें चाहे कितनी भी लंबी क्यों ना हों, पर कभी भी तेरी उम्मीद के दीपक ना बुझे

जिसने भी दिन-रात मेहनत की है वही अपनी आज अपने सपनों को साकार कर रहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

सही मायने में संघर्ष ही तो जीवन की असली परिभाषा है

जीवन में प्राप्त कोई भी सफलता तो बस केवल एक उपलब्धि है

अगर दिल में है दर्द तो भी कभी मत रुकना इस बात का पक्का इरादा कर लो

जहाँ भी तेरा पसीना बहा और आँसू गिरा है उस जगह का तुम सजदा कर लो

जब भी कभी मंद पड़ने लगे चाँद की चांदनी, ऐसे में तुम खुद को एक सितारा बना लो

जब भी कभी जीवन में हार से सामना हो जाये तो कभी मत घबराना मेरे दोस्त

यह तो कामयाब होने की पहली निशानी है जिसको सबको बर्दाश्त करना पड़ता है

इस बात को तुम आज गाँठ बाँध लो कि जीवन में गिरना बुरा नहीं है

लेकिन हार जाने के डर से अपने सपनों को छोड़ देना यक़ीनन बहुत बुरा है

जब भी समंदर में तूफ़ान आता है तो लहरों से टकराना नाविक की असली परख होती है

अंजाम की सोच कर डर जाना तो कायर लोगों की निशानी होती है

जिसने भी खुद को रोक कर रखा है आँधियों के बीच में भी

उसी को मिला है इस जीवन में सम्मान और खिले हैं खुशियों के फूल भी

जिसने भी दूसरों की ख़ुशी के लिए कुछ किया, उसी का सबके दिल पर अधिकार रहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

अपनी हिम्मत को हमेशा बनाये रखना चाहे ख़ुशी मिले या फिर गम

रास्ते तुम्हारे जीवन के कठिन भी होंगे और पथरीले भी और सहने होंगे जुल्म और सितम

लेकिन याद रखना मेरे दोस्त अगर तुम जीत गए तो फिर ज़िन्दगी के हर मंज़र सुनहरे होंगे

तेरी हर एक विफलता तेरे लिए एक सबक इसको अपनी कमज़ोरी मत बनाना

जो भी हंस लेता है कठिनाई में भी उसके सामने झुक जाते हैं ये ऊँचे-ऊँचे पर्वत भी

तेरी सोच भी एक छोटे से बीज की तरह है जिसका अंकुर मिटटी में दब कर ही फूंटता है

यही बीज धीरे-धीरे सूरज की और बढ़ता है और एक दिन एक बहुत बड़ा पेड़ बन जाता है 

ये एक नन्हे से बीज का विश्वास है जो उसको निरंतर आगे बढ़ाता है

अगर तूँ चाहे तो एक छोटे से बीज से भी सीख़ सकता है संघर्ष करने का जज़्बा

इसी तरह से जो इंसान संघर्ष के साथ जीवन में आगे बढ़ता है वो अपना चरित्र निर्माण करता है

अगर हालात अच्छे हों तो कोई भी आसानी से मुस्कुरा लेता है

लेकिन उसी का जीवन एक तपस्या है जिसको मुश्किलों में मुस्कुराने का हुनर आता है

जिसने भी कुछ बड़ा किया दूसरों से हटकर, उसी का इस ज़माने में प्रचार हो रहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

छोड़ो दुनियादारी को और पहचानो अपने भीतर की शक्ति को

समझौता इतना भी ना करो कि बचे ना तुम्हारा आत्म-सम्मान

तेरी रगों में जो बह रहा है खून उसमे साहस और जोश होना चाहिए

ये दुनिया तेरा ही इंतज़ार कर रही है, क्या तुझमे है जितने का जूनून

कभी मत सोचना कि मेरी किस्मत ही खराब है मैं क्या करूं

जो भी सपने तूने देखे हैं वो सभी साकार हो सकते है अगर तूँ चाहे

जो भी ठान लिया है तूने, होगा वही ज़रूर एक दिन

तेरी मेहनत ही तेरा आसमान है और तेरा हुनर ही है तेरी ज़मीन

जब भी कोई तुझसे कहे कि तुम ये नहीं कर पाओगे

तो ऐसे में कहना लोगों को कि इतिहास में एक दिन मेरा नाम लिखा हुआ पाओगे

अपनी कामयाबी पर कभी भी संदेह मत करना

अपने विश्वास कि सीढ़ी पर तुम दिन-रात चढ़ते जाना

अगर तुम इन बातों को जीवन में उतर लो तो जीवन तेरा सफल हो जाये

कल जिन लोगों ने बिछाये थे तेरी राहों में काटें वो और बात थी

आज की कहानी अब ये है कि हर एक शख्श बस तुझको ही है दुलार रहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

जो भी पंछी उड़ता है आसमान में उसको कभी ना कभी अपना घोंसला छोड़ना पड़ा है

पर अपना घोंसला छोड़ने से पहले उसने अपने आत्म-विश्वास को खुद से किया बड़ा है

शुरुआत की थी उसने अपने छोटे-छोटे और कंपते हुए पंखों से

बार-बार गिरा था वो नाज़ुक सा पंछी लेकिन गिरने के बावजूद भी आसमान को जीता

पर्वतारोही भी जब किसी कठिन चढ़ाई पर चढ़ता है तो मौत को चुनौती देता है

कदम-कदम पर मौत का खतरा होता है लेकिन फिर भी आगे बढ़ता रहता है

उसने हार ना मानी सर्द हवाओं से, क्यूंकि ये मुश्किल राह उसने अपनी मर्ज़ी से चुनी

फिर एक दिन उसने दुनिया के हर शिखर पर चढ़ कर अपना झंडा फहरा दिया

तुम भी अब ये बात समझ लो कि इस जीवन का नियम है संघर्ष के बाद सफलता

मत भागो कभी भी संघर्ष और कठिनाई से, यही बनाएंगे तुझे एक दिन मज़बूत

अपनी नाकामयाबी को भी ख़ुशी से अपनाना सीख लो और दुःख में भी तुम मुस्कुराना

जो भी झेलता है हर दुःख को हंस कर वही जानता है सफलता का असली ठिकाना

हर दिल पर राज़ करोगे एक दिन तुम, और भूल जाओगे तुम हर कष्ट जो भी तुमने है सहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

खुद को साबित करने की राह इतनी भी आसान नहीं होती

इस राह में खूब पसीना बहाना पड़ता है ये जान ले तूँ

पर एक तेरे पसीने के हर एक बूँद लेती है मोती का रूप

उस दिन जीवन का हर एक क्षण बन जाता है एक खूबसूरत गहना

कठिनाई भी खुद ही अपना ठिकाना छोड़ देती है और दूर तुझसे हो जाती है

ज़माने की ठोकरें भी करेंगी तेरा इस्तकबाल एक दिन तूँ बस थोड़ा इंतज़ार कर ले

विजेता वही है जो बिना डरे खेल जाता है जीवन की हर एक बाज़ी को

रहे तेरी हो जाएँगी आसान एक दिन अगर तूँ रास्ते के हर एक कांटे को अपना बना ले

हो सकता है कि तूँ अकेला पड़ जाये जीवन के इस सफर में

तूँ जला ले खुद को सूरज कि तरह और कर दे इस जग में उजिआरा

सूरज की तरह ही हर रोज़ तुझे करना है रोशन इस दुनिया को बिना रुके और बिना थके

सोचो ज़रा एक बार अगर ये सूरज भी थक जाता तो दुनिया में अँधेरा हो जाता

ठंडी छाया की तलाश कभी ना करना, पसीने में रहना लथपथ और शोलों में नहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

अगर तूने जीत लिया हर मुश्किल तो तूँ आने वाली पीढ़ी को राह दिखायेगा

तेरी कहानी को दोहराएगी ये दुनिया और तेरा नाम इस जग में जगमाएगा

तेरी ज़िन्दगी का सफर लाखों लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा

तेरे संघर्ष से भरे गीत हर दिल में गूंजेगे एक दिन ये याद रखना

आगे ही बढ़ते जाना है तुझको, पीछे मुड़कर तूँ कभी मत देखना

तूँ कर सकता है सब कुछ, तूँ चाहे तो मोड़ सकता है रुख इन क्रूर हवाओं का

तेरे सपनों का सूरज भी उगेगा एक दिन और तेरा विश्वास मुस्कुराएगा

तेरी हिम्मत से घुटने तक देगी हर मुश्किल और ज़माना तुझ पर प्यार लुटाएगा

इस छोटे से जीवन में तुझको करने हैं कुछ काम बड़े

जो भी है इस लम्हे का तकाज़ा, तूँ करले आज और अभी

अपनी ज़ीने के अंदाज़ से तुझे देना है लोगों को ये सन्देश

कि अपने संघर्ष से तूँ एक दिन अपनी सफलता को पाएगा

आगे बढ़ो और अपनी मंज़िल को पा लो, ये बात तूँ सबको समझाएगा

हर मंज़िल है तेरे क़दमों में अगर तूँ हर तूफानी धारा में बिना डरे है बहा

कब तक सोते रहोगे मेरे साथी, उठ जाओ अब क्यूंकि समय तुम्हे पुकार रहा

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