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कुछ अधूरे ख़्वाब पूरे होने का इंतज़ार आखिर कब तक

कुछ अधूरे ख़्वाब पूरे होने का इंतज़ार आखिर कब तक

दिल मेरा करता है याद हर एक ख्वाब जो देखा था कभी

बहुत अरमान थे मेरे इस दिल में कुछ पूरे भी हुए

पर कुछ अरमान अभी भी अधूरे पड़े हैं

वैसे तो ज़िन्दगी से कोई ख़ास शिकवा नहीं करता

पर सोचता हूँ कि ये कुछ और बेहतर हो सकती थी

शायद छोटी छोटी बातों में ही बड़ी खुशियाँ छुपी हैं

ये राज़ मैंने जाना बहुत मुश्किल से

जरूरी नहीं कि हमारी हर हसरत पूरी हो जाये

जो हमारे पास है उसके लिए बहुत से लोग तरसते हैं

कुछ ऐसे बादल भी हैं जो गरजते नहीं बस बरस जातें हैं

हर किसी कि ज़िन्दगी में यही एक कसक नजर आती है

है तो बहुत कुछ बताने को पर कुछ कमी अभी बाकी है

ऐसा लगता है कि जीना शायद इसी का नाम है

नींद आँखों से है कोसों दूर ना दिल को कहीं आराम है

हर शख्श जैसे कुछ तलाश कर रहा है

पर उसे नहीं पता कि आखिर वो चाहता क्या है

वैसे भी चाहतें तो किस्मत वालों कि पूरी होती हैं

बहुत से आशिक़ तो बस ग़ुमनामी में ही जीतें हैं

कभी कभी तो पूरी ज़िन्दगी छोटी पड़ जाती है

तो कभी किसी कि बस एक नज़र ही काम कर जाती है

मैं भी अक्सर ढूंढ़ता हूँ कोई ऐसी ही नज़र

जिसके मिलने से इस वीराने में बहार आ जाये

दूर हो जाएँ सभी गिले शिकवे ज़िन्दगी से

कोई बादल बनकर इस प्यासे दिल पर बरस जाए

बरसो से अकेला ही तो चला हूँ इस सफर पर मैं

तुम अगर साथ चल दो तो फिर कुछ बात बनें

अगर ऐसा हो तो हर सफर हसीन हो सकता है

फिर चाहे रास्तों पर फूल बिछे हो या काँटे

फूलों से याद आया कि वो तो फिर भी मुरझा जातें हैं

तुम्हरी मुस्कान तो फूलों से बढ़कर है

जब तुम मुस्कुरा देती हो तो हम भी थोड़ा जी लेते हैं

वरना इन दुशवारियों का क्या भरोसा ये बड़ी ज़ालिम हैं

लोगों को अपना ज़ख़्मी दिल भी नहीं दिखा सकता

सुना है कि वो अपने हाथों में नमक लिए रहते हैं

एक तुम ही हो जो मेरा हर ख्वाब पूरा कर सकते हो

इतना भी क्या सोचना अब आ भी जाओ बाँहों में

चलो कुछ ख्वाब दोनों मिलकर एक साथ देखते हैं

पर शायद ये मेरे दिल कि आरज़ू है और कुछ भी नहीं

हकीक़त कुछ और है दूर तक ख़ामोशी है तन्हाई है

और अकेले बैठा मैं अपने आप से यही बात करता हूँ

कुछ अधूरे ख़्वाब पूरे होने का इंतज़ार आखिर कब तक