कुछ बातें बोलने की बजाए लिख देना ही अच्छा है
बहुत सी बातें हैं ऐसी जो अगर बोल दी जाये
तो फिर क़यामत भी आ सकती है किसी की ज़िन्दगी में
आजकल वैसे भी सनसनी फ़ैलाने वाले ज्यादा हैं
और लिखा हुआ पढ़ने वाले कुछ कम ही रह गए हैं
मसरूफ है ज़माना आज किसी के पास भी वक़्त नहीं
मैं तो वैसे भी एक छोटा सा शायर हूँ
मेरे लिए क्यों कोई वक़्त अपना बर्बाद करे
ऐसे में जो पढ़ रहा हैं मेरी ये रचना
मैं एहसानमंद हूँ हर उस शख्श का
जिसने मुझे कुछ वक़्त दिया है और मेरा होंसला बढ़ाया है
अभी तक तो जब भी कुछ बोलने को मैंने अपना मुँह खोला है
तो हो गए हैं बहुत से लोग जैसे खफा खफा से मुझसे
सच बोलने और सुनने की आदत भी अब काफी कम हो गयी
जब पहली बार बोला था किसी हसीना से कि
मैं तुमसे बेइंतहा प्यार करता हूँ
तो फिर वो कभी नज़र नहीं आए मुझको
ऐसे बहुत से लोग हैं जिनको मैंने अपना हाल ऐ दिल सुनाया
पर वो चले गए फिर भी हमेशा के लिए मेरी ज़िन्दगी से
इसीलिए मैंने सोचा है अब ये कि
बोलने से ज्यादा तो लिखना ही अच्छा रहेगा
शायद ये मेरी लिखी बातें कभी उन तक भी पहुँच जाये
जिनके लिए मैंने ये कलम उठाई है
यही मेरी सचाई है और मेरे प्यार की गहराई है
और आज ये बात मेरी जुबान पर आई है
कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं ज़माने में
जिनको चुपचाप ही सहना अच्छा है
कुछ बातें बोलने की बजाए लिख देना ही अच्छा है
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