कुछ राज़ की बातें अगर बेपर्दा हो जाए तो इस महफ़िल में भूचाल आ जाए
हर किसी की ज़िन्दगी का कोई ना कोई एक इतिहास होता है
हर किसी के लिए ज़िन्दगी का कोई लम्हा, एक नया एहसास होता है
चल दिए और फिर रुक गए भला ऐसे चलना भी क्या चलना है
किसी से बात करने का मन भी ना करे तो किसी के लिए हाथ मलना है

इस जीवन की बस यही रीत है, किसी से दिल नहीं मिलता तो कोई दिल से उतर जाता है
ख्वाहिश इस ज़िन्दगी की क्या है, ये कैसे तुझको मैं बताऊँ
जहाँ तक भी मेरी नज़र जाती है, मैं तो बस तुझको ही बुलाऊँ
आज की हमारी मुलाकात कुछ इस तरह से हो रही है भरी महफ़िल में
दिल मेरा है तुमको पुकार रहा और शायद हलचल सी हो रही है तेरे दिल में
हर कोई इस महफ़िल में बस हुसन का खरीदार नज़र आता है

शायद इन सभी पर तेरी मस्त आँखों का असर होता जाता है
जो फूल तेरे लिए लाया था शायद उनको तुम कर लो आज कबूल
आओ पास आ जाएं छोड़कर सारी बातें जो हैं फ़िज़ूल
कैसे मैं पा लूँ तुमको मेरे दिल में ये सवाल आ जाए
कुछ राज़ की बातें अगर बेपर्दा हो जाए तो इस महफ़िल में भूचाल आ जाए

आज की इस महफ़िल में जहाँ देखो वहीं हुसन और इश्क़ का जलवा है
चख लूँ तुझे आज मैं, तेरा ये जिस्म इतना मीठा है जैसे कि हलवा है
इस नाच-गाने की गूंज आज हर तरफ फ़िज़ाओं में सुनाई देती है
इस रात की ख़ामोशी को दूर करती एक चकाचोंध रौशनी दिखाई देती है
तुम्हारे लिए उपहार में आज कोई दिल लाया है तो कोई फूल लाया है

हर तरफ तेरा जलवा है जो हर किसी के दिल पर छाया है
तेरी सहेलियों ने आज तुमको चारों तरफ से घेरा हुआ है
तेरे चाहने वालों के दिल में भी एक दर्द सा छुपा हुआ है
दिल करता है कि आज इस महफ़िल में मैं भी एक गीत पेश कर दूँ
और तेरी ज़िन्दगी में खुशियों के सभी रंग एक साथ भर दूँ

तेरे गोर रंग पर जब पड़ती है चमचमाती रोशनी
तो चमकती हो तुम एक दम खरे सोने की तरह
तेरे दीदार के लिए तड़पता है दिल मेरा एक भँवरे की तरह
छुपा के रखा है मेरे ज़ज्बातों को इस बेदर्द दुनिया वालों से
क्या पता कोई कह दे कुछ ऐसा कि जो मुझको सता जाए
कुछ राज़ की बातें अगर बेपर्दा हो जाए तो इस महफ़िल में भूचाल आ जाए

अगर तुम चाहो तो आज की इस महफ़िल को मैं तेरे नाम कर दूँ
तेरा हर राज़ बता कर सबको, आज मैं तुमको बदनाम कर दूँ
लेकिन मैं ऐसा कर नहीं सकता क्यूंकि मैं तुमसे मोहब्बत करता हूँ
चाहे तूँ मुझे ना देखे पर मैं तुझको देखकर ही सँवरता हूँ
मेरा दिल हर पल बस तेरे ही ख्याल में खोया रहता है

जब तुम सामने आती हो तो ऐसा लगता है जैसे कि दिल मेरा कुछ कहता है
मीठी-मीठी बातें आपस में हम करते रहे और इसका इलावा कुछ ना करें
बस देखते रहे एक-दूसरे को और छोड़ से सब बातें कि लोग क्या कहेंगे
अगर फूल गुलाब का देख ले तेरी खूबसूरती तो वो भी एक बार शरमा जाए
कुछ राज़ की बातें अगर बेपर्दा हो जाए तो इस महफ़िल में भूचाल आ जाए
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