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कुछ लोग जब मोहब्बत में दीवाने हो जाते हैं तो शायर बन जाते हैं

कुछ लोग जब मोहब्बत में दीवाने हो जाते हैं तो शायर बन जाते हैं

शायरी क्या चीज़ है पता नहीं था मुझको तुझे मिलने से पहले

जब से तुमसे मिला हूँ तो मैं शायद शायर बन गया हूँ

सीखा दी है मुझको शायरी तेरे इस हसीन चेहरे ने

चाँद से भी प्यारा तेरा मुखड़ा मुझे लिखने को मजबूर करता है

मोहब्बत की इस अगन ने मेरी दवात में स्याही भर दी है

तेरे इश्क़ में ऐ हुज़ूर मैंने ये ज़िन्दगी तेरे नाम कर दी है

तेरी तारीफ में क्या लिखूं और मैं जब से मिले हूँ तुझसे नाम तेरा ही लेता हूँ

तेरे इश्क़ और मेरी शायरी ने मशहूर कर दिया मुझे ज़माने में

तुझ पर लिखे हुए नग्मे मैं गुनगुना लेता हूँ लोगों की महफ़िल में

हर महफ़िल की रौनक अब बस तुझसे ही तो है

जब तुम आती हो महफ़िल में तो सब की नज़रें तुम पर आकर रुक जाती हैं

कितना हसीन बनाया है तुझको खुदा ने ये सोचता रहता हूँ मैं

हर बज़्म में जब भी जिक्र तेरा करता हूँ तो होती है वाह वाह क्या बात है

ये मेरी कलम का कमाल है कि तेरी आँखों का जादू जो चल रहा है

अब तो बस ये कागज कलम और दवात ही मेरे साथी बन गए हैं

कुछ लोग जब मोहब्बत में दीवाने हो जाते हैं तो शायर बन जाते हैं