ख़ाली बैठकर तुम अपना वक़्त ना यूँ बर्बाद करो
छोड़ दो अब आलस को और कुछ काम कर लो यारों
ये ज़िन्दगी बस एक ही बार मिलती है सबको
जागो, उठो और अपने काम पर लग जाओ
ये तो सच है कि हर दिन तुम्हारे मन मुताबिक़ नहीं गुजरेगा

तेरे हाथ में तो बस मेहनत करते रहना ही है
रोटी हमेशा अपने हक़ की ही खाना खुद करके काम
दूसरों की कमाई पर नज़र रखने की आदत कर देगी तुझे बदनाम
हालात कैसे भी हो तूँ वापसी कर सकता है मैदान में फिर से
छोटी सी चींटी बार बार गिरने पर भी पहाड़ चढ़ जाती है
तेरी हसरतें भी बहुत सी हैं और सपनें भी बहुत देख रखे हैं तूने
सवाल ये है कि तूने क्या प्रयास किया है इनको पाने की ख़ातिर

पंछी को भी अपना पेट भरने के लिए उड़ना होता है तूफानों में भी
जिस डाल पर वो बैठते हैं छोड़ना पड़ता है हर रोज़ उसको भी
तूँ भी अपने पुराने विचारों की क़ैद से आज़ाद हो जा अब
पा लो अपने लक्ष्य को और ज़िन्दगी को अपनी आबाद करो
ख़ाली बैठकर तुम अपना वक़्त ना यूँ बर्बाद करो
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