चले थे हम साथ मिलकर पर आज बिछड़ गए हैं
तुमने तो कहा था कि साथ है हमारा उम्र भर के लिए
ढूंढ़ती हैं मेरी नज़रें पर आज ना जाने तुम कहाँ हो
एक मुस्कान थी तुम्हारी जानी पहचानी सी
आज वो कहीं खो गयी हैं इस वक़्त और हालात में

अब तो बदले बदले से आप नज़र आते हैं
ख़ैर जो हुआ ये तो एक दिन होना ही था
पर शायद मैं ही तेरा इरादा ना समझ पाया
हमने तो यही सोचा कि आप अब हमारे हैं
यह तो बस एक हसीं ख़्वाब था टूट गया

वैसे भी ख़्वाब कब किसी के पूरे होते हैं
हक़ीक़त की दुनिया में जज़्बात की कोई जगह नहीं होती
आज मैं ज़िन्दगी के दोराहे पर खड़ा हूँ बिलकुल अकेला
चले थे हम साथ मिलकर पर आज बिछड़ गए हैं
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