चल पड़ा हूँ मैं काम की तलाश में
दोस्तों अब तुम सभी मेरे लिए दुआ करना
होंसला अभी तक तो बचा कर रखा है मैंने
वैसे तो हालात मेरे कुछ अच्छे नहीं आजकल
सोचता हूँ कि हार मान लेने से भी क्या होगा
चलने के लिए हाथ और पैर मारता हूँ मैं
कोई भी मदद के लिए अब आगे नहीं आता
सभी आजकल रूठे रूठे से है मुझसे
कुछ इस तरह से जी रहा हूँ मैं ज़िन्दगी अपनी
रोज़ी रोटी की तलाश में भटक रहा हूँ इधर उधर
कोई अगर मुझको काम पर रख ले
तो ये एहसान होगा उसका मुझपर
शायद मेरे घर में भी आज चूल्हा जल जाए
ये पेट की आग बहुत ही ज़ालिम होती है साहब
कहीं ऐसा ना हो कि कुछ ख़ता हो जाये हमसे
भूखे रहकर तो जिया जायेगा आखिर कब तक
ये गम का ज़हर पिया जायेगा आखिर कब तक
हर रोज़ एक नयी उम्मीद के साथ उठता हूँ मैं
पता नहीं कि खुदा को भी क्या मंज़ूर है अब
रास्ते भी अब मुझसे मुख मोड़ने लगे हैं
क्या करूँ कहाँ जाऊँ कोई तो बता दे मुझको
ये हाल है फिलहाल मेरी ज़िन्दगी का
ना जाने इस शब की सुबह कब होगी
तेरे आने का भी था अब तक तो इंतज़ार
पर तूँ भी अब किसी ओर से करती है प्यार
ना तो काम ही मिला अब तक कोई करने को
और ना ही इश्क़ मेरा मुक्कमल हुआ अब तक
ना जाने कि खुदा की मर्ज़ी है क्या
ना जाने कितने ज़ख्म लगे है इस दिल पर मेरे
फिर भी चल रहा हूँ मैं इस जीवन के सफर में
कभी तो कुछ अच्छा होगा ये आस लिए इस दिल में
चल पड़ा हूँ मैं काम की तलाश में
दोस्तों अब तुम सभी मेरे लिए दुआ करना
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