जब तक तुम हार नहीं मानते तब तक कोई तुम्हे हरा नहीं सकता

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जब तक तुम हार नहीं मानते तब तक कोई तुम्हे हरा नहीं सकता

माना कि सफर ये कामयाबी का कभी भी आसान नहीं होता

बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है इस राह में

कभी लगेगा कि मंज़िल अब तो बहुत पास ही है

फिर भी जब तक सफर पूरा नहीं होता तब तक कुछ भी हो सकता है

कुछ ना कुछ अड़चने तो आती ही रहेंगी इनसे क्या घबराना

ये मत सोचना कि कुछ आराम तो कर लूँ

तुझे चलना होगा दिन रात बिना रुके और बिना थके

तू बस अपना करम करता जा और बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दे

तेरी नज़र तेरे लक्ष्य से कभी भी ना हटे

कोई भी ऐसा नहीं इस दुनिया में जिसने संघर्ष नहीं किया

मुश्क़िल वक़्त में तुझे मजबूती से डटे रहना है

जीत तेरी ही होगी आज मुझे तुझसे बस यही कहना है

तेरी मेहनत, किस्मत और तेरा हुनर कोई तुझसे चुरा नहीं सकता

जब तक तुम हार नहीं मानते तब तक कोई तुम्हे हरा नहीं सकता