जब भी हुसन और इश्क़ की मुलाकात होती है तो प्यार की बरसात होती है
जब तक आशिक़ अपनी महबूबा पर प्यार भरी नज़र नहीं डालता
तब तक महबूब के हुसन पर निखार नहीं आता
जब होती है बात दो दिलवालों की तो वक़्त का पता ही नहीं चलता
पल दो पल की मुलाकात से आशिकों का मन नहीं भरता

काश ऐसा हो जाये कि जब तुम आओ तो ये वक़्त यहीं ठहर जाये
मेरी दुआ है ये रब से कि तुझे मेरी आशिकी पसंद आ जाये
तुम्हारे दिल की बात भी कभी लबों पर आ जाये
इजहार ऐ मोहब्बत कर दो अब तुम भी
कब तक अपने दीवाने को यूँ ही तरसाते रहोगे
कहीं ऐसा ना हो कि तुम आओ और ये मिलन की बेला बीत जाये

अब तो मुझसे नहीं होता सब्र दिल ये मेरा बेकरार रहता है
हर घड़ी दिल में तेरी याद और तेरा ही इंतज़ार रहता है
हम अगर चले गए इस महफ़िल से तो फिर ना लोट पाएंगे
नग्मे हमारे प्यार के लोग हमारे जाने के बाद गुनगुनायेंगे
इससे पहले कि ये जान चली जाये मेरी जान तुम आ जाओ
तुम्हारे नाम से ही दिन निकलता है और तुम्हारी याद में ही ये रात होती है
जब भी हुसन और इश्क़ की मुलाकात होती है तो प्यार की बरसात होती है
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