जब मेरा बुरा वक़्त आया तो सभी ने साथ मेरा छोड़ दिया
मैंने तो सोचा था कि सभी तो मेरे अपने है मुझे संभाल लेंगे
पर जब वक़्त की मार मुझपर पड़ी तो किसी ने ना सँभाला
चलो अच्छा हुआ कि मेरा भरम जल्दी ही टूट गया
अब मैं ये जानता हूँ कि मैं जीवन में बिलकुल अकेला हूँ
जिसका कोई नहीं होता उसका तो ख़ुदा होता है दोस्तों
यही सोच कर अब मैं किसी की भी राह नहीं तकता
तैयार हूँ अब मैं पूरी तरह से ऐ ज़िन्दगी तेरे लिए
देखता हूँ कि ये ज़ुल्मो सितम मेरा क्या बिगाड़ लेते हैं
एक ना एक दिन तो मेरे वीराने में भी बहार आएगी
जो फूल मुरझा चुकें हैं मेरी बगिया के वो फिर से खिलेंगे
चलो अब मैं भी ज़िन्दगी को फिर से गले लगा लेता हूँ
अब चाहे ख़ुशी मिले या ग़म मुझे हर हालात में रहता है सुकून
आज उनको भी मैं भूल गया हूँ बीते वक़्त के साथ
जिन्होंने मेरा नाजुक दिल शीशा समझ कर तोड़ दिया
जब मेरा बुरा वक़्त आया तो सभी ने साथ मेरा छोड़ दिया
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