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जब वो मुस्कुराते हैं तो खिलता है चेहरा उनका गुलाब की तरह

जब वो मुस्कुराते हैं तो खिलता है चेहरा उनका गुलाब की तरह

बहुत ही खूबसूरत है सनम मेरा हमदम मेरा

यूँ तो कलियाँ रहती हैं बहुत सी इस चमन में

जिनको मौका नहीं मिलता कभी खिलने का

भँवरे उन पर नहीं मंडराते कभी ना ही पास से गुजरते हैं

पर मेरी कली की तो बस बात ही अलग है

गुलशन के सभी भंवरों की नज़र है उस पर

उसने देखा नहीं कभी किसी भँवरे को पलट कर

लगता है जैसे उसको तो बस जैसे मेरा ही इंतज़ार है

आज मेरे वाली कली तो फूल बनने को बेकरार है

शायद इसी को कहते हम प्यार है

आज इस बगिया में फिर से आयी बहार है

इस पर मौसम भी अपना जादू चला रहा है

बादल भी बारिश की बूंदों से हमको भीगा रहा है

इस हाल में तो आज घर लोट पाना मुश्किल है

इस सोच में कुछ डूबा डूबा मेरा दिल है

अगर मिल जाये हमको इज़ाज़त इस बहार से आज

तो हम भी एक दूजे से खुल कर मिल ले आज

ये जो चल रही है मस्त होकर पुरवाई

ऐसे लगता है कि किसी बिरहन को अपने पिया की याद आई

मेरे ये अहसास भी आज पुरे जोश से भरे हैं

समझदारी की बातें आज मेरी समझ से परे हैं

सब कुछ भुला कर आज के दिन बस

दिल एक छोटी सी गलती कर लेना चाहता है

अगर इजाजत हो उनकी तो अब हम

उनसे नज़रें मिलकर इज़हार ऐ मोहब्बत कर दे

जब भी देखता हूँ उनको तो ये गुजरती है मुझपर

दिल में मेरे मचलती है लहरें सैलाब की तरह

जब वो मुस्कुराते हैं तो खिलता है चेहरा उनका गुलाब की तरह