जब से मैंने तुझको देखा है, मैं खुद से दूर होकर तेरे करीब आ रहा हूँ
तेरी चाहत को ही मैंने अब अपनी ज़िन्दगी बना लिया है
जिस दिन मैं तेरा दीदार नहीं कर पाता, मेरे लिए तो वो दिन ही बेकार है
अपने सीने में छिपा रखा है मैंने तेरा प्यार ना जाने कब से
तुम ही मेरी महबूबा हो, आज मैं ये कह देना चाहता हूँ सब से
तुमको छू लेने तो हर पल बेताब रहता हूँ मैं, ये बात कैसे तुम्हे मैं बताऊँ
कभी सोचता हूँ कि अपना प्यार भरा दिल तुझे मैं दिखाऊं, तो कभी अपना हर दर्द मैं तुझसे छिपाऊँ
होना है क्या अब इससे ज्यादा मेरे साथ, नाम किसी का भी लूँ पर लब पर नाम तेरा ही आता है
तेरे ख्यालों में खो कर मैं भूल जाता हूँ हकीकत इस ज़िन्दगी की
तेरी हर अदा पर मैं कर दूँ बारिश एक साथ लाखों गुलाबों की
आजकल मैं बस चलता ही रहता हूँ, रुकने और ठहरने की फितरत अब मेरी नहीं
ये सोच कर रहता हूँ हर वक़्त मैं अब सफर में, क्या पाता कब कहाँ तुमसे मुलाकात हो जाए
आती जाती हर साँस के साथ मैंने करके दुआ तुमको माँगा है
आज जो देखा है तेरा चाँद सा चेहरा बरसों के बाद, शायद मेरी दुआ क़बूल हो गई
कभी मैं तुझे देखता हूँ तो कभी किस्मत को अपनी मैं जी भर के शुक्रिया बोलता हूँ
वैसे तो सूखा पड़ा है चारों तरफ इस ज़मीन पर मैं तो तेरे हुसन की बारिश में नहा रहा हूँ
जब से मैंने तुझको देखा है, मैं खुद से दूर होकर तेरे करीब आ रहा हूँ

हर पल मेरा इश्क़ अब तेरे साये में ही रहना चाहता है
होंठ हैं खामोश मेरे पर मेरे जज़्बात आज तुझसे दिल की बात करना चाहते हैं
ये जानता हूँ मैं कि तेरे लबों पर भी आजकल मेरा ही नाम रहता है
तोड़ कर ज़माने की सारी रस्मों की दीवारें, चल उड़ जाएँ हम आज इस नीलगगन में
तेरी चाहतों के पंख लगा कर मैं देखूं इस दुनिया के हर एक नज़ारे को ऊपर आसमान से
बेचैन रहूँगा मैं आखिर कब तक, अब तुम ही बताओ कि इस हाल में क्या करूँ मैं
तेरी प्यार भरी नज़र मेरे दिल के आर-पार हो रही है, इस दर्द-ऐ-दिल को अकेले कैसे सहूँ मैं
तेरे आने की खबर से ही मेरा दिल जोरों से धड़कने लगता है
ज़माने को छोड़ कर बस तेरा दमन पकड़ने लगता है
बड़े दिनों के बाद आज ये जो बारिश हो रही है, ऐसे में तेरी याद फिर से दिल को तड़पा रही है
वैसे तो लेकर निकला था मैं छतरी भी, पर इस तेज़ हवा ने मुझे धकेल दिया बरसती बूंदों में
तेरी ये मासूम मुस्कान मुझसे ये कहती है कि धीरे-धीरे तेरे दिल पर मैं बारिश के बदल की तरह छा रहा हूँ
जब से मैंने तुझको देखा है, मैं खुद से दूर होकर तेरे करीब आ रहा हूँ

तेरी मेरी मुलाकातों का सिलसिला बस यूँ ही चलता रहे हमेशा बिना रुके
इश्क़ का खुमार धीरे-धीरे चढ़ता है, तूँ थोड़ा तो सब्र करले मेरे यार
मौका मिलेगा हमें भी इश्क़ फरमाने का, अपनी चाहत को हम थोड़ा और बेकरार कर ले
तेरे मेरे बीच इस दीवानगी को मैं क्या नाम दूँ, अगर तुम्हे पता है तो तुम ही बता दो
अपना तो मैं बना लूँ तुझे हमेशा के लिए, पर क्या तुम भी तैयार तो मेरे साथ चलने के लिए
तेरे हाथों की लकीरों को मैंने देखा है, इसमें लिखा है नाम मेरा
कभी-कभी तो तेरी यादें लगती हैं मुझे तुझसे भी ज्यादा बेहतर
जब चाहूँ मैं तुझे मिल तो नहीं सकता पर जब चाहे तुझे याद तो कर सकता हूँ मैं

मेरी ज़िन्दगी में तेरा शामिल होना ही काफी है मेरे लिए
ये सब बहारें और नज़ारे बस तेरे प्यार के दम से ही महफूज हैं
तुझ तक ही आता हैं मेरा हर रास्ता, तेरे घर का पता लिखा हैं मेरे इस दिल पर
तुम जो पूछते रहते हो कि तुमसे कितनी मोहब्बत करता हूँ
तो मैं इतना ही कह सकता हूँ कि तुम्हे यूँ ही चाहता रहूँगा मैं जब तक हैं जान
कभी तुम रूठती हो तो कभी मान जाती हो, शायद ऐसा करके तुम मुझ पर अपना हक़ जताती हो
तुम्हारी सादगी में ही तुम्हारी ख़ूबसूरती हैं, तुम्हे क्या ज़रूरत हैं सजने और सँवरने की
तेरे बदन की खुशबू से ये चारों दिशाएँ महक रही हैं
एक तेरे सच्चे प्यार के लिए मैंने ठुकरा दिया हैं इस दुनिया को
अब तुम्हारी बारी है मुझे अपनाने की, मैंने तो अपना फैसला सुना दिया है तुमको
या तुम अपना ये दिल दे दो मुझको, नहीं तो फिर ना कहना कि तुम्हारा दिल चुरा रहा हूँ मैं
जब से मैंने तुझको देखा है, मैं खुद से दूर होकर तेरे करीब आ रहा हूँ
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