ज़िन्दगी जब भी तेरे पास लेकर आती है हमें

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ज़िन्दगी जब भी तेरे पास लेकर आती है हमें
ये ज़मीन चाँद से बेहतर ही नज़र आती है हमें
रहने दो हमारे पैर ज़मीन पर और तुमको तुम्हारा आसनमान मुबारक
इन दो नैनों के ख्वाब है आसमान से भी ऊँचे
तुमने जब उठा दी ऊँगली मेरी क़ाबलियत पर
तो अब ज़माना भी जैसे मेरे खिलाफ हो चला है
हर तरफ मौकापरस्त लोगों की भीड़ है
आखिर मेरा ये मासूम सा दिल बचकर जाये तो जाये कहाँ पर
जब ये ज़माना जश्न मना रहा था उस वक़्त हम ना जाने कहाँ थे
तुम अगर ना देखो मेरी तरफ कोई बात नहीं
पर अगर देखोगे तुम गैरों की तरफ तो मुसीबत होगी
तुमसे मिलना अब पहले से ज्यादा मुश्किल है
तुम्हारे चारों तरफ अब बड़े लोगों का मज़मा है
तुम्हे हो मुबारक तुम्हारी ये दिलकश महफ़िल
जब भी दूर जाता हूँ तो तेरी चाहत फिर से पास बुलाती है हमें
ज़िन्दगी जब भी तेरे पास लेकर आती है हमें

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