ज़िन्दगी बीत रही है हर गुज़रते पल के साथ, जीना कब शुरू करेगा तूँ
जीवन का आईना होती हैं, कुछ खट्टी तो कुछ मीठी यादें
कुछ तो पूरे हो जातें हैं जबकि बहुत से अधूरे भी रह जातें हैं, किसी से किये हुए वादे
प्यार की तलाश में तो सभी भटकते हैं मेरे दोस्त मगर
किसी को मिला तो किसी को नहीं मिला कोई हमसफ़र
ज़िन्दगी का सफर यूँ तो बहुत ही अजीब है
कभी लगते हैं इसमें खुशियों के मेले तो कभी गम का आलम है
सच पूछो तो यही ज़िन्दगी का असली मज़ा है
किसी को मिलती है राहत तो किसी को मिली इसमें सजा है
महफ़िल में महबूब की जब आशिक़ दर्द भरे गीत गाता है
तो सुनने वालों की आँखों में कुछ नमकीन पानी उतर आता है
आज भरी महफ़िल में कर दे अपनी मोहब्बत का इज़हार, कब तक यूँ ही डरेगा तूँ

ज़िन्दगी बीत रही है हर गुज़रते पल के साथ, जीना कब शुरू करेगा तूँ
जब भी कभी निकलता हूँ मैं समंदर के किनारे ख़ामोशी से
तो तेरी यादें मेरे दिल में लाखों तूफ़ान एक साथ उठाती हैं
वो तेरा हसीन चेहरा आ जाता है मेरी इन आँखों के सामने
और तेरी हर एक अदा एक अजीब सी प्यास इस दिल में जगाती है
तेरा मिलना ये पल दो पल का अब मुझे तो रास आता नहीं
या तो छोड़ दो मुझको, या फिर मेरे बन जाओ हमेशा के लिए
मुझे तो तेरी मोहब्बत में पागल होने से भी परहेज़ नहीं
बस तुम मुस्कुरा कर एक बार मुझसे मेरा ये दिल मांग लो
तेरी यादों पर यूँ ही फ़िदा होता रहूँगा मैं, चाहे मुझको सूली पर टांग लो
कभी तो मुस्करा लिया कर ऐ दोस्त, कब तक ये मीठा-मीठा दर्द सहेगा तूँ
ज़िन्दगी बीत रही है हर गुज़रते पल के साथ, जीना कब शुरू करेगा तूँ

जीवन क्या है इस सवाल का जवाब ना जाने कितने लोगों ने दिया है
पर ये भी हक़ीक़त है कि इसको आज तक ना कोई पूरी तरह से समझ पाया है
कभी-कभी लगता है कि क्या करना है इस जीवन को समझकर
चलो इसको भरपूर जीने का प्रयास करते हैं
ज़िन्दगी को ज़िंदादिली से जिसने जीया वो तो मशहूर हो गया
जो हार गया इस जीवन से, वो ज़माने से बहुत दूर हो गया
करना चाहूँ तुझसे तो मेरे पास आज सवाल बहुत हैं
ज़िन्दगी बदलती है अपना रंग हर पल, मेरे पास इसके सबूत हैं
ना तो कोई पूरी तरह से सही होता और ना ही पूरी तरह से गलत होता है
एक चीज़ जिससे मात खा रहे हैं सभी, वो तो बस वक़्त होता है
ना जाने कितना वक़्त हो गया तुझको इन बाँहों में भरे हुए
बस दूर से ही तुमको देखकर ठंडी आहें भरता हूँ मैं
चलो आज तुमको साथ लेकर एक नया जीवन शुरू करता हूँ मैं
ये ज़िन्दगी तेरा साथ पाकर शायद कुछ आसान हो जाएगी
आज ये जो हो रही है फूलों की बरसात, अपनी झोली कब इन खिलती हुई कलियों से भरेगा तूँ
ज़िन्दगी बीत रही है हर गुज़रते पल के साथ, जीना कब शुरू करेगा तूँ
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