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जेब है ख़ाली मेरी और दिल भर गया है उदासी से

जेब है ख़ाली मेरी और दिल भर गया है उदासी से

एक एक करके सबकी फरियाद सुन ली गयी है

जब मेरी बारी आयी तो क़यामत हो गयी

ख़ाली हाथ लोट आया हूँ मैं मायूस होकर

कब से था इंतज़ार था मुझको कि कुछ तो होगा

पर अब जाना कि इम्तिहान मेरा अभी बाकी है

क्या करूँ अब मैं इस बेखुदी के आलम में

कोई ख़ुशी की खबर नहीं मिली मुझे बरसों से

इस हाल में आखिर कब तक कोई सब्र करे

लोगों की क्या कहें कोई कसर नहीं छोड़ी इन्होने

मुझे बर्बाद करने में कदम कदम पर

इस दुशवार मकाम पर कोई नहीं मेरी सुनने वाला

चारों तरफ आज बस गम है और तन्हाई है

ऐसे में मुझे तेरी याद भी बहुत आयी है

काश कोई मुझे भी गले से लगाने वाला होता

मैं भी रो लेता कुछ देर उसके कंधे पर सिर रख कर

खैर अगर यही मर्ज़ी है ऊपर वाले की

तो यही सही अब हम इस हाल में भी जी लेंगे

साथी बना लेंगे हम तन्हाई को अपना

छोड़ देंगे सभी यारो की महफ़िल हम

दिल से मैं हो गया हूँ बीमार

ऐसे में किस पर करूं ऐतबार

शायद कभी मेरी भी तक़दीर बदल जाये

यही सोच कर हर दर पर मैंने है अपने हाथ फैलाये

किसी क्या होगी खबर अब मुझको

मैं तो जी रहा हूँ बस सांस लेते हुए

जिसका डर सताता था हमको रात दिन

आखिर वो ही दास्ताँ बन गयी है मेरी ये ज़िन्दगी

यूँ तो सामने मेरे है समंदर मेरे दोस्त

पर आँखें मेरी किसी के इंतज़ार में हैं प्यासी

जेब है ख़ाली मेरी और दिल भर गया है उदासी से