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जो भी जीवन में हार को बर्दाश्त कर लेता है

जो भी जीवन में हार को बर्दाश्त कर लेता है

वो वास्तव में हर बाजी को जीत जाता है

हारने पर रोने वालों की तो कोई कमी नही

पर हार कर जीतने वाला ही बाज़ीगर कहलाता है

क्या हुआ अगर आज मैं कुछ बिखरा हुआ सा हूँ

फिर से संवार लूँगा मैं अपनी दुनिया को

वैसे भी जीवन में हारना तो स्वाभाविक ही है

जीतने का दिन नही आता हर रोज़ दोस्तों

पर हारने की संभावना तो हर रोज़ बनी रहती है

इसीलिए तो मैं तुमसे ये कहता हूँ कि

कोई नही आएगा तुमसे हाल ऐ दिल सुनने को

तुम्हे खुद ही अपने ज़ख्मों पर मरहम लगाना होगा

इतना मत सोचा कर बन्दे कल की तूँ

वर्ना ये आज भी हाथ से फिसल जायेगा

गिरकर उठना और फिर उठ कर संभलना

फिर से सीख़ ले एक छोटे से बच्चे से तूँ

चोट खाकर भी वो हर दर्द की दवा कर लेता है

जो भी जीवन में हार को बर्दाश्त कर लेता है