जो लोग मोहब्बत करते हैं वो लोग निराले होते हैं
आँखों में बसा लेते हैं अपने यार की तस्वीर
ख्यालों में ही अपने सनम से मुलाकात भी कर लेते हैं
जब कोई पूछता हैं हाल इनसे तो बस मुस्कुरा देते हैं

जब महबूब रूठ जाता हैं तो हँस के मना लेते हैं
शिकवा नहीं करते कभी भी किसी से
ना जाने किस मिटटी के बने होते हैं
जब चाँद की चाँदनी आती हैं आसमान पर
तो दीदार ऐ सनम कर लेते हैं
नहीं करते बदनाम कभी नाम अपने यार का लेकर ज़माने में
कभी कभी तो उम्र भर अपने हमसफ़र का इंतज़ार भी करते हैं

लाख मुश्किलों के बावजूद भी हर हाल में ज़िंदा रहते हैं
नहीं करते कोई गिला शिकवा किसी से
बस दुआओं में ख़ुदा से सभी की ख़ैर मांगते हैं
ज़माने में लोग इन्हे यूँ ही बदनाम करते हैं
आशिक़ तो कभी किसी का दिल नहीं दुखाते
जब दर्द हद से पार हो जाता हैं तो चुपचाप रो लेते हैं
जिन्हे मिल जाती है उनकी महबूब वो बड़े किस्मत वाले होते हैं
जो लोग मोहब्बत करते हैं वो लोग निराले होते हैं
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