तुझसे तो अच्छी तेरी यादें हैं जब आती हैं तो फिर जाती नहीं
तेरी यादों को मैंने हमेशा दिल में बसा कर रखा है
तेरा दिया गुलाब अब भी मैंने सँभाल कर रखा है
भले ही मुरझा गया है पर खुश्बू है इसमें तेरे प्यार की

मौसम चाहे जो भी हो बहार का या हो पतझड़ का
गुलिस्ताँ मेरे इश्क़ का महकता है तेरी ही खुश्बू से
जहाँ तक मेरी ये नज़र जाती है बस तुम ही तुम हो
तेरा हुसन अपने आप में ही बेमिसाल है मेरे महबूब
तुझसे है वफ़ा की उम्मीद मुझको जीवन भर साथ निभाना

बन गया हूँ मैं तेरा आशिक़ ऐसा लगता है अब तो
क्या तेरा दिल भी मेरे लिए यूँ ही बेक़रार रहता है
अब जो आये हो तो रह जाओ मेरे पास हमेशा के लिए
मेरा ये बेक़रार दिल तुमसे यही इल्तिजा करता है
तुझसे तो अच्छी तेरी यादें हैं जब आती हैं तो फिर जाती नहीं
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