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तुमको पाना है मुझे आज ज़माने से दूर होकर

तुमको पाना है मुझे आज ज़माने से दूर होकर

बस तेरा एक इशारा ही चाहिए मुझे

तेरी एक निगाह अगर हम पर पड़ जाये

तो रोता हुआ दिल ये मेरा मुस्कुराने लगेगा

भटक कर ज़माने भर में हमने यही पाया है

हर तरफ तेरी ही चाहत का साया है

मेरा यार रहे यूँ ही सलामत हमेशा

बेसहारा हूँ मैं तुम मुझको सहारा दे दो

बस इतना सा करम कर दो तुम अपने आशिक पर

तेरी चौखट पर ही पड़ा रहने दो मुझको

नाम सुनकर हम तेरा यहाँ आये हैं हम

अब उठ कर यहाँ से और कहाँ जाएं हम

इसीलिए आज तेरे दर पर चले आए हैं हम

तूँ जब ना आया तो फिर चले आये हैं हम

तुमको पाना है मुझे आज ज़माने से दूर होकर