तुमको पा लेने की ठान ली है मैंने
देखते हैं कि कब तक तुम दूर रह पाओगे हमसे
जानता हूँ कि चाहते हो तुम भी हमको
पर शायद इस दुनिया से तुम डरते हो
लोगों का क्या है कह कर रह जाएँगे
पर हम तुमको ना भूल पाएँगे
तेरी आँखों से बढ़कर आईना नहीं कोई मेरे लिए
तेरी आँखों में मैं खुद का chehra देख लेता हूँ
फिर मिलने की ख्वाहिश पर ही ज़िंदा हूँ
वर्ना इस गम से भरी दुनिया में रखा क्या है
तुम जो कहते हो कि अब ना होंगे हम कभी जुदा
ये बात अब हमेशा के लिए मान ली है मैंने
तुमको पा लेने की ठान ली है मैंने
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