तुम्हारे बिना मैं कैसे जियूँगा ये सोच लेना तुम मेरा दिल तोड़ने से पहले
जब तुम ही नहीं रहोगे मेरी ज़िन्दगी में
तो ये ज़िन्दगी मेरे लिए एक सजा बन जाएगी
मेरी इस पहली मोहब्बत को तुम नाकाम मत करना
मानता हूँ कि बहुत ही हसीन हो तुम

तेरे चारों तरफ तेरे चाहने वाले हैं
पर मेरा भी क्या कसूर है जो तुम्हे दिल दे बैठा हूँ
ये सोच कर कि शायद तुम भी कभी इकरार करोगी
मैंने सुना है कि तुम्हारी ज़िन्दगी में कोई और भी है
मैं तो बस यही कहता हूँ कि किसी आशिक़ का कभी दिल मत तोड़ना
अपनी मस्त अदाओं से किसी दिलवाले को घायल मत करना
ये इल्ज़ाम तुम अपने सिर पर मत लेना

जब किसी आशिक़ का दिल टूटता है तो उस पर क़यामत आ जाती है
दिल कहीं भी फिर लगता नहीं किसी से दिल लगाने के बाद
मेरा दिल भी कितना पागल है बिना सोचे समझे ही तेरा हो गया
ये सब बातें तुम याद रखना मुझको तनहा छोड़ने से पहले
तुम्हारे बिना मैं कैसे जियूँगा ये सोच लेना तुम मेरा दिल तोड़ने से पहले
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