तुम मुझे चाहो या ना चाहो पर मेरी जान मैं तो तुम पर ही मरता हूँ
तेरी ही अदाओं पर मरता हूँ और प्यार तुझी से मैं करता हूँ
दिल इन आवारा रास्तों पर चल पड़ा है यूँ ही तुझे ढूंढ़ने
शायद तुम कहीं मिल जाओ मुझे किसी मोड़ पर
ये दिल की गुजारिश है और लम्हों की फरमाइश भी है
आज तो दीदार दे दो मुझको ये हमारे इश्क़ की आजमाइश है

ये बादल जो छा रहे हैं तेरे इश्क़ के मेरे दिल के आसमान पर
बरसा दो ना तुम भी अपने प्यार भरे अरमान आज मुझ पर
खिलते हुए गुलाब की तरह से तुम जब भी मुस्कुराती हो
तो एक अजीब सा जादू मेरे इस दिल पर कर देती हो तुम
तेरे ही दामन से लिपटा रहूँगा मैं तो हर दम
तूँ मेरी जिंदगी का आसरा है और तूँ ही मेरा सहारा है
चाहे कुछ भी कहे ये दुनिया तुमको ना कभी मैं छोडूंगा
मोहब्बत की जो अगन आज मुझमे है कल तुम भी महसूस करोगी

मैंने तो ठुकरा दिया है दुनिया को तुझे पाने की खातिर
तुझे भी खुद पर अपने यकीन और ऐतबार है कि नहीं
मैं तेरी इन गलियों के चक्कर लगाता रहूँगा यूँ ही उम्र भर
तुम अगर साथ चलने का वादा करो तो मैं अपना जीवन तेरे नाम करता हूँ
तुम मुझे चाहो या ना चाहो पर मेरी जान मैं तो तुम पर ही मरता हूँ
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