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तेरी आँखों का सूनापन मुझे बेचैन कर देता है

तेरी आँखों का सूनापन मुझे बेचैन कर देता है

जब मैंने पूछा उनसे कि कैसे हो आजकल

तो उन्होंने कहा कि हार गए हैं इस दुनिया से

फिर मैं याद करता हूँ वो हमारी पहली मुलाकात

जब तुम्हारी आँखों में एक प्यारी सी चमक देखी थी मैंने

मेरा हाथ लेकर हाथों में तुमने मुझसे ये कहा था

हम ना हारेंगे कभी इस जीवन में

कर लेंगे मिलकर सामना हर मुश्किल हालात का

वक़्त बीता मुश्किलें भी आयी लेकिन हम चलते रहे

एक के बाद एक वक़्त की आँधी से हम लड़ते रहे

आज जब हमने काफी सफर तय कर लिया है

बहुत कुछ जो सोचा था वो हाँसिल भी कर लिया है

पर पीछे छूट गई वो हिम्मत और जूनून

साथ ही छूट गए वो सँगी, साथी और दोस्त

आज मुद्दत बाद जब फिर से पीछे मुड़कर देखा है

तो तेरे चेहरे पर नहीं है वो सुकून पहले जैसा

आज हर जाना पहचाना शख्स मुझे अनजान कर देता है

तेरी आँखों का सूनापन मुझे बेचैन कर देता है