तेरी हस्ती अगर बनानी है तुझको तो कुछ अलग करके दिखाना होगा

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तेरी हस्ती अगर बनानी है तुझको तो कुछ अलग करके दिखाना होगा

सुबह से लेकर शाम तक तुझे हर एक पल कुछ नया सोचना होगा

यूँ तो ज़माने में जी लेते हैं सभी अपनी अपनी ज़िन्दगी मुफ़लिसी में

पर शान से जीने के लिए तुझे जी जान को लगाना होगा

कुछ तो ख़ास करने का जूनून होना चाहिए तेरे सीने में

ये आग बहुत ज़रूरी है नाकामयाबी की जंजीर को पिघलाने के लिए

जितना भी तेरा पसीना बहेगा मिटटी में वो सोना बन जायेगा

क्यों घूमता है लोगों के आगे पीछे अपने काम को लेकर

तू अपना रास्ता खुद बना ऐसा कि लोग उसपर चले

यहाँ पर लोगो की यादाश्त बहुत ही कमजोर है यक़ीन मानो

जो आज तेरी हालत पर हँसते है कल तेरे आस पास होंगे

अगर तूने कुछ हांसिल कर लिया अपनी ज़िन्दगी में

ये दुनिया भी उसी को सलाम करती है जिनमे कुछ बात होती है

तेरे सपनो को फिर से जगा और उनपर पंख लगा कर उड़ जा

बस तुझे तेरा पहला कदम बढ़ाना है अपने आत्मविश्वास से

तुझे अपना काम करना है और परिणाम की चिंता नहीं करनी

मंज़िल तुझे मिल ही जाएगी भटक कर ही सही ये याद रखना

अगर अँधेरा गहरा तो अपनी हड्डियों से भी मशाल को बनाना होगा

तेरी हस्ती अगर बनानी है तुझको तो कुछ अलग करके दिखाना होगा