तेरे लिए ही जीता हूँ और तेरी ही अदाओं पर मैं मरता हूँ
कैसे बताऊँ अब मैं तुम्हे कितनी मोहब्बत करता हूँ
तेरे दिल में मेरे लिए क्या है ये तो बस तू ही जानती है
मेरा दिल तो तेरी चाहत में पूरी तरह से डूब गया है
झील से भी गहरी तेरी ये आँखें बड़ी खूबसूरत हैं

नज़र ना लगे तुमको कितनी भोली भली तेरी सूरत है
जब भी तुम पूरे सोलह सिंगार कर के निकलती हो घर से
आ जाओ घर मेरे दुल्हन मेरी बन कर डोली में बैठ कर
हमारे मिलन के दिन अब बहुत ही करीब हैं
ये इंतज़ार अब और नहीं होता मुझसे मेरे हमदम
किसी को मत बताना तुम अफ़साने हमारे प्यार के
जीत ही लेंगे हम तुमको इश्क़ की बाज़ी तुमसे हार के
ये चाँद भी आज कुछ दीवाना सा लगता है

महफ़िल सजी है सितारों की ख़ास तेरे लिए
जब भी मिलोगे तो रोक लूँगा तुमको हमेशा के लिए
ज़िन्दगी का ये सफर अब तनहा नहीं तय कर सकता मैं
कुछ भी करके मैं तुमको कर लूँ हांसिल बस यही सोचता रहता हूँ
तेरे लिए ही जीता हूँ और तेरी ही अदाओं पर मैं मरता हूँ
Amazon Link to Buy Book:
