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दिल ले गए हो तुम मेरा हम से दिल्लगी करते करते

दिल ले गए हो तुम मेरा हम से दिल्लगी करते करते

मोहब्बत की ये राहें बहुत ही मुश्किल लगती हैं

तड़पना पड़ता है इसमें दिलबर के दीदार के लिए

ये दिल जब भी कहीं लग जाता है किसी से

दिन रात लब खामोश रहते हैं और धड़कने बात करती हैं

कैसे भूल जाएं हम वो हसीन पल जो साथ बिताये थे कभी

ऐसा नहीं है कि वो बेवफ़ा हो गए हैं

शायद उनकी भी कुछ मजबूरियां रही होंगी

कल आया था उनका पैग़ाम कि जल्दी ही मुलाकात होगी

सारी रात हमारी बेकरारी में गुजरी है

ये चाँद भी आज कुछ दीवाना सा लगता है

कल का सूरज हमारी मुलाक़ात का गवाह होगा

आज समझ में आया कि इश्क़ की बेखुदी क्या होती है

दिल ले गए हो तुम मेरा हम से दिल्लगी करते करते