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पिला दो अपनी मस्त आँखों से तुम आज मुझको जो भी गुजरेगी हम पर गुजरेगी

पिला दो अपनी मस्त आँखों से तुम आज मुझको जो भी गुजरेगी हम पर गुजरेगी

तुम एक बार ज़रा अपनी नज़र से मेरी नज़र मिलाओ तो सही

वैसे तो हमने मयख़ाने देखे हैं बहुत जब से होश संभाला है

पर तेरे जैसा साक़ी नहीं मिल सकता ढूंढ़ने पर भी ज़माने में

तेरी ये मदहोश नज़रे आज मेरे दिल पर निशाना लगाए बैठी हैं

आज तो मुश्किल लगता है ज़िंदा बच कर निकलना यहाँ से

अपने आशिक़ का ऐसा इम्तिहान भी कोई लेता है कभी

कि ज़ख्म भी दे रहे हो और उफ़ करने तक की इज़ाज़त भी नहीं

और भी बैठे हैं लोग आज इस महफ़िल में आप के रूबरू

कहीं ऐसा ना हो कि आप की नज़र मुझसे हटकर किसी और पर पड़ जाये

इसीलिए तुम बस मुझसे अपनी नज़रें ना हटाना ये मेरी इल्तिज़ा है तुमसे

अभी तक तो कट रही थी ज़िन्दगी मेरी पड़ा था मैं किसी अँधेरे कोने में

पर आज तेरे चाँद से रोशन चेहरे ने मेरे दिल में उजाला कर दिया है

अब मैं पहले से ज्यादा जीने लगा हूँ ये तेरा एहसान है मुझपर

कहीं दीवाना अपना बना कर छोड़ ना देना मुझको

मुझे अब तेरी ही आस है और तुझ पर ही पूरा ऐतबार है

दुनियादारी में पड़ कर तो कभी कुछ ना हुआ हांसिल मुझको

इसीलिए तेरी खातिर आज सबको पीछे छोड़ आया हूँ मैं

मेरे इन अरमानों की ये बारात अब तेरे दिल की गलियों से ही होकर गुजरेगी 

पिला दो अपनी मस्त आँखों से तुम आज मुझको जो भी गुजरेगी हम पर गुजरेगी