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प्यार ये तेरा मुझे किस मोड़ पर ले आया है आगे ना जाने क्या होगा  

प्यार ये तेरा मुझे किस मोड़ पर ले आया है आगे ना जाने क्या होगा  

जब चला था तेरी ओर तो दिल में उम्मीद थी तुमको पाने की

तुझको मैं कर लूँ हांसिल बस यही हसरत थी दीवाने की

तेरी हर अदा पर मैंने अपना प्यार भरा दिल पेश किया है

मैं तो तुझे देख देख कर ही जी लेता हूँ

ज़िन्दगी से बहुत ख्वाहिशें तो नहीं रखता मैं लेकिन

तेरी मोहब्बत अगर मिल जाये तो इश्क़ मेरा मुकम्मल हो

नज़रों से चलाये सभी तीर तेरे मेरे दिल के आर पार हुए हैं

मेरे सीने में धड़कती है चाहत तेरी तुम इसको महसूस कर लो

प्यार के नाम से ही मेरी सुबह शाम होती है

मुझे मयखाने से क्या मतलब तेरी आँखें ही पिला देती है मुझको

जब साकी तेरे जैसा हो तो फिर होश में आना तो मुश्किल है

अब रास्ते ओर मंज़िल में तो कोई फर्क ही ना रहा

तू अगर साथ है तो सफर मंज़िल से भी बेहतर लगता है

गीत मिलन के गुनगुना लेता हूँ जब भी तुझसे मिलता हूँ

दर्द मेरे दिल में हुआ शायद कोई काँटा तुझे लगा होगा

प्यार ये तेरा मुझे किस मोड़ पर ले आया है आगे ना जाने क्या होगा