बड़ी ही खूबसूरत है मेरी महबूबा जिसकी आँखें हैं नीली और गालों पर है लाली

Posted by

बड़ी ही खूबसूरत है मेरी महबूबा जिसकी आँखें हैं नीली और गालों पर है लाली

जब भी मैं सोचता हूँ उसके बारें में तो दिल मेरा हो जाता है मदहोश और बेकाबू

दिन तो गुज़र जाता है किसी तरह से पर रात को तो जैसे मुझ पर चल जाता है उसका जादू

जब भी देखती है वो मेरी तरफ प्यार भरी निगाह से तो उसकी अदा होती है ज़माने से जुदा

कल मैंने पकड़ा दिया था उसके हाथों में गुलाब का फूल और हो गया था मैं उस पर फ़िदा

तेरी मेरी बातें अब ये चमन किया करता है

मेरी दिलरुबा के हुसन का जलवा अब ये बहारें देख रही हैं

बहकी-बहकी सी लग रही हैं ये फ़िज़ाएं आजकल मुझे

कल तक जो कली थी आज वो फूल बन गयी है

ये कोई बादल छाया है आसमान पर या फिर ये तेरी आँखें हैं काली-काली

बड़ी ही खूबसूरत है मेरी महबूबा जिसकी आँखें हैं नीली और गालों पर है लाली

जब भी निलकते हैं वो घर से सज-धज कर तो ना जाने कितने लोग अपना दिल थाम लेते हैं

लग जाती है आशिकों की लाइने रस्ते में और हर कोई जैसे उसके दीदार को बेकरार होता है

मैं भी शायद हो गया हूँ उसका दीवाना, शायद ऐसे ही धीरे-धीरे से प्यार होता है

मुझे अब पसंद नहीं कि मैं अपने होशो-हवाश में रहूँ

मेरा दिल ये करता है कि मैं उसका गम-ऐ-जुदाई यूँ ही सहता रहूँ

माना कि तुम्हारे चाहने वाले हैं लाखों

पर मैं तो मेरी जान बस एक तुम पर ही मरता हूँ

तेरे बिना मेरे दिलबर मैं हो जाता हूँ बहुत अकेला और उदास

जिस दिन आ जाए मेरी चाहत पर ऐतबार उस दिन चली आना मेरे पास

और देख लेना कि तुम्हारी चाहत में मैंने अपनी क्या हालत है बना डाली

बड़ी ही खूबसूरत है मेरी महबूबा जिसकी आँखें हैं नीली और गालों पर है लाली

जब भी लोग पूछते हैं मुझसे मेरा हाल तो मैं कुछ भी नहीं बता पाता

तेरी एक झलक ने मुझको घायल कर दिया और ये दर्द मुझसे अब नहीं सहा जाता

जब तुम आओगी मुझसे मिलने तो मैं तुमको अपनी दिल के ज़ख्म दिखा दूँगा

मुझे अब आने लगी हैं प्यार भरी बातें जो मैं तुमको भी सीखा दूँगा

चलते-चलते तेरी चाहत में मैं काफी दूर तक निकल आया हूँ

अब वापिस लोट पाना मेरे बस में नहीं है

मेरे कदम खुद ही चल पड़ते हैं तेरी ओर, तुमसे मिलना ही है मेरी मंज़िल

करता रहूँगा मैं कोशिश तुझको पाने की ओर कर लूंगा मैं तुमको हांसिल

जब तुम मुस्कुरा हाँ कह दोगी तो हम बन जायेंगे हमसफ़र

आज तुमने मेरे प्यासे दिल पर है अपनी प्यार भरी नज़र डाली

बड़ी ही खूबसूरत है मेरी महबूबा जिसकी आँखें हैं नीली और गालों पर है लाली

We offer poetry and lyric writing services for all your needs, personal or professional, in English and Hindi. To avail the service, please contact by email: rajeevkharb_2007@rediffmail.com