बीते हुए लम्हों की यादें मेरे दिल को तड़पाती हैं
जो साथ गुजरे थे तुम्हारे वो पल याद आते हैं
बचपन से लेकर जवानी तक हर मोड़ से गुजरती है ज़िन्दगी
लड़कपन खेल में बीत गया दोस्तों के साथ बेफिक्री में

जवानी आयी तो पहले प्यार का पहला एहसास याद है
जब पहली बार नज़र मिली थी तुमसे तो तुम शरमा गयी थी
दिल को समझ नहीं आया कि इस एहसास को मैं क्या नाम दूँ
जब और वक़्त गुजरा तो पता चला कि इसी को पहला प्यार कहते हैं
यूँ तो उसके बाद बहुत से हसीनों से मुलाकात हुई महफिलों में
पर उस शख्श की मासूम आँखें मुझे आज तक नहीं भूलती
ना तो मैं अपना इज़हार ऐ मोहब्बत कर पाया और ना ही उसे भुला पाया
काश मुझे मेरा बीता हुआ वक़्त कभी वापिस मिल जाए
तो मैं अपनी पहली मोहब्बत को हांसिल कर लूँ

पर हक़ीक़त में ऐसा नहीं होता ज़िन्दगी कुछ और ही रंग दिखाती है
बिना दिलबर के कैसे जीना है ये हालात हमें सिखाते हैं
जब कभी ये यादें लहरों की तरह से मुझ से टकराती हैं
तो यही चंद बातें मेरे दिल में कभी कभी तूफान उठाती हैं
बीते हुए लम्हों की यादें मेरे दिल को तड़पाती हैं
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