बेकरारी को करार मिल रहा है मगर धीरे धीरे
मुझे तेरा प्यार मिल रहा है मगर धीरे धीरे
जिस दिन से तुझे देखा है ना तो चैन है ना ही सुकून
तुम्हारी वो प्यारी सी मुस्कान मैं भूल पाता नहीं
बहुत दिन किया है तुमसे मिलने का इंतज़ार

आज पहली बार मिली हो तुम मुझे इस मौसम में
तन्हाई मेरी आज कुछ तो कम हुई है
तेरी चाहत के फूल खिले हैं मेरे दिल में
तेरे ही नाम से मेरी ज़िन्दगी में बहार है
जब भी दूर तुझसे मैं रहता हूँ तो कहीं मन नहीं लगता

आ जाओ मेरी ज़िन्दगी में हमेशा के लिए
हम दोनों मिलकर एक प्यार भरी दुनिया बनाएंगे
उम्मीद है कि तुम्हे भी हो जायेगा मुझसे प्यार
बेकरारी को करार मिल रहा है मगर धीरे धीरे
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