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मुझे अब क्या काम है इस जहान से मैं तो बर्बाद हुआ हूँ तेरी राह में

मुझे अब क्या काम है इस जहान से मैं तो बर्बाद हुआ हूँ तेरी राह में

जब से मिला है मुझको तेरा गम

इस जहान का गम नहीं सताता अब हमको

मेरे कदम तो बस वहीं पर रुक जाते हैं

जहाँ से नज़र आ जाते हो आप मुझे

मैं कहाँ था आपके क़ाबिल मेरे महबूब

तीर खाये हैं तेरी नज़र के मैंने अपने सीने पर

तब जाकर मैं हुआ हूँ मुक्कमल तेरे लिए

अब मुझे तूँ क़बूल करे या ना करे ये है तेरी मर्ज़ी

तेरे दर पर मैं आता रहूंगा हर बार ये उम्मीद लेकर

कि शायद तुम कभी तो लगा लगोगे मुझको अपने गले से

जब कोई देख लेता है बस एक बार तुमको

वो फिर कहीं और नहीं जा सकता बस तुम्हारा हो जाता है

दुनिया ये ना समझे कि हमारा क्या वजूद होगा इसके बाद

हम तो निकल पड़े है बचाने के लिए अपनी मोहब्बत को

मुझे तेरे सिवा कुछ और नज़र नहीं आता अब

मैं तो देखता ही रहूंगा तेरे हुसन को और करूँगा तारीफ भी

ना जाने क्यों लगता है मुझको कि मुमकिन है ये भी

एक दिन तुम भी हो जाओगे बेकरार मुझसे मिलने को

और भेजोगे तुम भी सलाम ऐ इश्क़ ख़ास मेरे लिए

बढ़ा रहे हो तुम होंसला मेरा देखते हैं कि होगा क्या

तुझे देख कर भरता हूँ आहें और जी रहा हूँ बस तेरी ही चाह मैं

मुझे अब क्या काम है इस जहान से मैं तो बर्बाद हुआ हूँ तेरी राह में