मुझे ना भूल जाना मेरी जान, मेरे ख्वाबों में तू आ जाना

मुझे ना भूल जाना मेरी जान, मेरे ख्वाबों में तू आ जाना

ये मन कि सौ बार तू रूठा मुझसे
पर फिर भी हर बार मनाया है मैंने
आज पहली बार मैं तुझसे नाराज़ सा हूँ
आज कसम है तुझको, बस एक बार मनाने आ जाना

मुझे ना भूल जाना मेरी जान, मेरे ख्वाबों में तू आ जाना
तू आ जाना मेरे यार और इस दिल में उतर जाना

मैं अक्सर गलत नहीं होता पर फिर भी मैं तुझको मनाता हूँ
ऐसा मैं करता हूँ क्यूंकि मैं तुझको नहीं खोना चाहता हूँ
आज बरसो बाद फिर से मैं तन्हा सा हूँ मेरी जान
तूँ एक बार फिर से प्यार का गीत मुझको सुना जाना

मुझे ना भूल जाना मेरी जान, मेरे ख्वाबों में तू आ जाना
तू आ जाना मेरे यार और इस दिल में उतर जाना

आज मैं तुझसे अपनी मोहब्बत का इज़हार करता हूँ
इक तेरे सिवा मेरे इस दिल का कोई हमराज़ नहीं है
अब मिला ले मुझसे अपनी ये खूबसूरत आँखें
और कहदे कि तुझे मुझसे प्यार नहीं है

मेरे सुने पड़े इस जीवन को तुम
अपने प्यार की खुशबू से महका जाना
मुझे ना भूल जाना मेरी जान, मेरे ख्वाबों में तू आ जाना

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top