मेरा दिल मेरी सुनता ही नहीं ये तो तेरी यादों के पीछे ही भागता है
मैंने सोचा था कि दिल मेरा है तो मेरा कहना भी मानेगा
पर जब से तुम्हे देखा है ऐसा नहीं हुआ मेरा दिल परदेसी हो गया
तूने चुरा लिया है मेरा दिल चोरी-चोरी चुपके-चुपके
तुम ही कहो हम कैसे रह पाएंगे बिना तुमसे मिले हुए
दिल मेरा करता है इशारा तेरी गलियों कि तरफ
आज मैं भी चल पड़ा हूँ इन गलियों में तुझसे मिलने की खातिर
शायद मैं इस सफर में हूँ और तुम अचानक से मिल जाओ मुझे किसी मोड़ पर
तेरी मुलाकात अब मेरे जीने का एक बहाना है
मुझे अब तेरी दीवानगी में हद से गुज़र जाना है
तेरी झील सी आँखों में गहरा उतर जाना है
अगर तुम हो रूठे मुझसे तो तुम्हे बड़े प्यार से मनाना है
शायद तुम आज रात मेरे सपनों में आ जाओ
यही सोच कर ये जिस्म मेरा तेरे लिए रात-रात भर जागता है
मेरा दिल मेरी सुनता ही नहीं ये तो तेरी यादों के पीछे ही भागता है
चलते हुए जब मेरा रुमाल गिर गया था रस्ते में
तो तुमने उसको संभाल कर रख लिया था
मैं जानता हूँ कि वो रुमाल आज भी तुम अपने सीने से लगाकर रखती हो
कितना अच्छा हो कि तुम रख लो दिल मेरा भी उस रुमाल की तरह
जब भी दिल धड़केगा मेरा तेरे सीने में तो तुझे मेरे होने का एहसास होगा
कभी-कभी ख्यालों में तुम जब चुम लोगी इसको तो वो हर एक लम्हा बहुत ख़ास होगा
दिल की बातें तो दिल ही जाने, मैं तो बस इतना ही जानता हूँ
कि तेरी मस्त निगाहों का मैं आशिक़ हूँ और बस तुझको अपना महबूब मानता हूँ
जब भी तुम कहोगी मैं सजा दूंगा मांग तेरी मेरे इश्क़ के जुगनुओं से
तेरी एक हाँ होते ही हम आ जायेंगे एक दूसरे के बहुत ही करीब
प्यार के फैसले सोच-समझकर नहीं किया करते
ये तो एक खूबसूरत एहसास है जिसको बस महसूस ही किया जाता है
मेरा दिल मेरी सुनता ही नहीं ये तो तेरी यादों के पीछे ही भागता है
अब जो मिल गए हैं हम नसीब से तो बिछड़ेंगे कभी ना ये वादा कर लें
तुम और मैं ही हैं इस पल में और तो कोई दूसरा नहीं
क्यों ना हम हो जाएं एक-दूजे के आज अभी और इसी पल
कल ना जाने क्या हो आज इस साथ को हम जी भर के जी लें
तेरे गालों से फिसलती हुई पानी की चंद बूंदों को ज़रा सा पी लें
प्यार जब कोई करता है तो फिर हसरतें तो जवान हो ही जाती हैं
होश में रहकर इश्क़ करना कुछ अधूरा सा लगता है
बेपनाह मोहब्बत करना भी ज़रूरी है कभी-कभी ज़िन्दगी के सफर में
ज़िन्दगी शायद मुझे भी इस हसीन मोड़ पर लें आयी है
इसलिए मैंने तुमको अपना बनाने की कसम खायी है
पहले चलता था मेरा आवारा दिल कुछ कदम ही हर रोज़
पर आजकल ये दिल मेरा मीलों लम्बा फासला तुमसे मिलने की खातिर नापता है
मेरा दिल मेरी सुनता ही नहीं ये तो तेरी यादों के पीछे ही भागता है
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