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मेरा ये अकेलापन अब मेरा साथी बन गया है

मेरा ये अकेलापन अब मेरा साथी बन गया है

लोग आए और मुझे छोड़ कर चले गए

पर इस अकेलेपन ने मुझे कभी नहीं छोड़ा

गुज़रे ज़माने को मैंने जब भी याद किया है

तेरा ज़िक्र सबसे पहले आता है दिल की किताब में

वो भी क्या दिन थे जब हम एक साथ थे

दिल से मिले थे दिल और हाथों में एक दूजे के हाथ थे

आजकल आप गैरों की महफ़िल में ज्यादा दिखते हैं

भूल गए हो तुम वो हमारे प्यार भरे नगमे

शायद तुम्हे मेरे जैसे चाहने वाले की ज़रूरत नहीं रही

अब तो तुम्हे बस धन दौलत और शानो शौकत प्यारी है

चलो अच्छा हुआ कि मेरा भ्रम टूट गया

जी लेंगे हम अपने इस टूटे हुए दिल को लेकर

मुबारक हो तुम्हे नए दोस्त और नयी महफ़िल

मेरी तन्हाई और तेरी यादों के सिवा कुछ नहीं मेरे पास

मेरा ये अकेलापन अब मेरा साथी बन गया है