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मेरे इश्क़ का इम्तिहान अब यूँ ना लो मेरे महबूब

मेरे इश्क़ का इम्तिहान अब यूँ ना लो मेरे महबूब

पहले तो दिल मेरा चुरा लिया अपनी नज़रों से

अब तुम मुझसे नज़रे ही चुरा रहे हो

तेरी ही उम्मीद पर दुनिया को ठुकराया है मैंने

क्या तुम भी सबको छोड़कर मेरी मोहब्बत क़बूल करोगी

मैंने तो अपनी आशिकी तेरे नाम कर दी आज से

अब बस तेरी हाँ का ही इंतज़ार है

फूल तो पेश करते हैं आशिक़ सभी

पर मैंने तो अपना दिल निकाल कर ही तुझे दे दिया

अब इस दिल को अपनाओ या ठुकराओ तुम्हारी मर्ज़ी

बात अब मेरे हाथ से निकल चुकी है

सीने में मेरे तेरी ही तस्वीर बसी है

जब भी मन करता है आँख बंद करके देख लेता हूँ

दीवाना कोई देखा ना होगा कभी भी किसी ने मेरे जैसा

अपनी हर सांस के साथ बस नाम तेरा ही लेता हूँ

मैंने तो अपने जज़बात जाहिर कर दिए अब तुम्हारी बारी है

मेरे इश्क़ का इम्तिहान अब यूँ ना लो मेरे महबूब