मेरे दिल में आज क्या है तुझे सुना दूँ तो मुझे करार आ जाये
दिल में है मेरे कि मैं तुमसे मोहब्बत करता हूँ
तेरी ही राहों में खड़ा हूँ दिल अपना थाम कर
मेरे दिल में एक कसक सी है आजकल
तेरा ये चेहरा भी लगता मुझे बहुत ही हसीन है

जब भी गुजरती हो तुम मेरे पास से यूँ लहराकर
मेरी धड़कनें भी कभी धीरे तो कभी तेज हो जाती हैं
नींद है कि आती ज़रा कम ही है आजकल रातों में
ज़िक्र तेरा ही रहता है अब तो मेरी बातों में
सुबह जब उठता हूँ तो सोचता हूँ कि कैसे मुलाकात हो उनसे
कोई अगर मेरा हाल ऐ दिल सुना दे उनको
तो मैं हमेशा एहसानमंद रहूँगा उस शख्श का

दीवानगी का आलम अब तो कुछ ऐसा है
जब भी कुछ लिखता हूँ तो नाम तेरा लिख देता हूँ
तेरी अदाओं का ही बीमार बना बैठा हूँ मैं
मेरे इश्क़ का इलाज तेरी ये मस्त आँखें ही कर सकती हैं
काश कि तुझको भी मुझपर कभी प्यार आ जाये
मेरे दिल में आज क्या है तुझे सुना दूँ तो मुझे करार आ जाये
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