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मैं तुम्हे अपना बना लेना चाहता हूँ

मैं तुम्हे अपना बना लेना चाहता हूँ

जब से तुम्हे देखा है दिल मेरा बेकरार है

बस तेरी याद से ही मिलता करार है

तुझसे बिछड़ कर मैं बहुत तनहा हो गया हूँ

हर तरफ बस तुम ही नज़र आते हो मुझे

क्या यही प्यार होता है

पास जब आती हो तो मैं दीवाना बन जाता हूँ

दूर जब जाती हो तो तुम्हारा इंतज़ार करता हूँ

फिर मिलने की आस में बेकरार रहता हूँ

सुकून मेरे दिल का अब तबाह हो चूका है

तेरे इश्क़ ने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा

दूर हो रहा हूँ सब से और बस तेरा ख्याल रहता है

दिन में भी तेरे ख़्वाब देखता हूँ

और रात को चाँदनी जलाती है मुझको

मैं हमारे सपनों का एक घर बना लेना चाहता हूँ

मैं तुम्हे अपना बना लेना चाहता हूँ