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मैं तो हर पल बस यही दुआ करता हूँ कि तूँ जहाँ भी रहे सलामत रहे

मैं तो हर पल बस यही दुआ करता हूँ कि तूँ जहाँ भी रहे सलामत रहे

मेरी हर साँस तेरे नाम कर दूँ मैं, ये नज़राना भी मेरी नज़र में कम है तेरे लिए

मेरा हर एक कदम अब तेरी राह में चल रहा है, मुझको संभाल लेना तुम

रात को जब भी मैं करवट बदलता हूँ तो ऐसा लगता है तुम मेरे पास बैठी हो

जब और पास बुलाता हूँ तो ऐसा लगता है कि जैसे तुम मुझसे रूठी हो

हर सितम कर लेना तुम मुझपर, पर कभी भी तुम मुझसे जुदा ना होना

मेरा तो मुझमे अब कुछ भी ना रहा, जो कुछ भी है वो तो बस तुम ही हो

चाहे मैं रोता हूँ मैं या फिर हँसता हूँ, मेरे जेहन में तेरा ही ख्याल रहता है

मेरी यही फ़रियाद है तुझसे कि मुझे कभी भी अकेला छोड़ कर मत चले जाना

जीवन भर साथ देने का वादा जो तुमने मुझसे किया है, उसे उम्र भर निभाना

ये दिल, जान, जिगर सब तेरे हवाले कर दिया है मैंने, अब मेरा जीवन तेरे भरोसे है

कभी भी नज़र ना लगे मेरी महबूबा को, तेरी खूबसूरती के चर्चे दूर-दूर तक होते हैं

ये जो हवा तेरे बदन को छू कर आ रही है, इसको मेरा प्यार भरा सलाम

तेरे दम से ही ज़िंदा है प्यार और वफ़ा इस बेदर्द ज़माने में

जब से मैंने तुझको चाहा है, मैं भूल गया हूँ कि क्या पाना है और क्या खोना है

मेरी ज़िन्दगी की असली कमाई तो बस तेरी राह में बर्बाद होना है

बस तेरी ही गली के चक्कर मैं लगता रहूँ मैं, और मुझे अब कुछ भी ना याद रहे

मैं तो हर पल बस यही दुआ करता हूँ कि तूँ जहाँ भी रहे सलामत रहे

कस्मे, वादे, प्यार और वफ़ा की उम्मीद मैं तुमसे करता हूँ

कहीं मेरा प्यार भरा दिल तुम ठुकरा ना दो, बस इसी बात से मैं डरता हूँ

जब भी मैं तड़पता हूँ तेरी याद में, कभी तो मेरे पास आकर मुझको कुछ तो दिलासा दिया करो

ये कैसी एकतरफा मोहब्बत है, काश कभी तुम भी समझ पाते मेरे दिल के अरमानो को

अपने दिल के हर कोने में मैंने तेरी हर एक अदा को छिपा कर रखा है

बस यही है सौगात है मेरे पास तुझे देने के लिए, और मेरे पास क्या है

 तनहा-तनहा चलना इश्क़ की कठिन राहों पर चलना और उफ्फ़ तक भी नहीं करना

मेरी ज़िन्दगी का अब बस यही मकसद है, अगर मुझसे मिलना हो तो चले आना तुम

मैं कहाँ मिलूंगा तुमको, ये तो मैं नहीं बता सकता पर तुम मुझे हमेशा अपने आस-पास पाओगे

कभी तुम अपना जलवा दिखाते हो तो कभी खुद को परदों में छुपाते हो

ये आंख-मिचोली कब तक चलेगी, कभी पर्दा तो कभी जलवा ये तमाशा क्या है आखिर

आज अपनी नज़रों से कर दो घायल मुझको तुम, शायद मुझको कुछ तो करार आ जाए

तेरा किया हुआ हर एक सितम मैंने सहा है मुस्कुरा कर, मोहब्बत की निशानी समझ कर

रूठे-रूठे से रहते हो हर वक़्त मुझसे, कभी तो प्यार भरी नज़र मुझ पर डाल कर देखो

ये ज़िन्दगी मेरी वैसे ही दुखों से भरी हुई है, तुम मेरे जीवन की डाँवाडोल कश्ती को संभाल कर तो देखो

ना जाने कब से तलाश है मुझे एक ठिकाने की, काश मेरा पता तेरा ये खूबसूरत दिल हो जाए जाए

मुझे तेरे बगैर जीना पड़ेगा, ये सोच कर ही मेरी रूह बेचैन हो जाती है

ना जाने मुझपर क्या-क्या बीत रही है लेकिन फिर भी मेरा दिल तेरे लिए ही धड़कता है 

मैं तो हर पल बस यही दुआ करता हूँ कि तूँ जहाँ भी रहे सलामत रहे

तुझे मैं यूँ ही देखता रहूँ प्यार से और तुम अपनी उलझी जुल्फों को सुलझाती रहो

ज़िन्दगी चाहे मुझ पर कोई भी मेहरबानी ना करे लेकिन तुम मुझसे मिलने यूँ ही आती रहो

चैन और सुकून की ख्वाहिश तो मैं नहीं करता आजकल

जब भी दिल मेरा कुछ उदास होता है तो तुझे याद करके थोड़ा सा मुस्कुरा लेता हूँ

तेरी यादों के पीछे भाग-भाग कर मैं अपने दिल को बहला लेता हूँ

अगर तुम मेरे दिल को अपना घर नहीं बना सकते तो बता दो मुझको

मैंने तो तुम्हे अपनी ज़िन्दगी का हमसफ़र मान लिया है

तेरे प्यार पर मैंने कर लिया है भरोसा, अब दूर रहना है या पास ये तुम्हारी मर्ज़ी है

मिलना और बिछुड़ना ना तो तेरे बस में और ना ही मेरे बस में

जब भी तुम मिलने आते हो तो कुछ और ज्यादा वक़्त निकाल कर आया करो

रोज़-रोज़ तेरा आना और जाना, क्या कभी हम एक-दूजे के हो पाएंगे हमेशा के लिए

मैंने तो माँगा है तेरा दीदार चाहे जो भी हो मेरी इस चाहत का अंजाम

कहीं मेरे दिल से खेल कर तुम मुझे कर ना देना इस ज़माने में बदनाम

चाहे तुम कभी ना आओ पर मेरे इन कानों में तेरे आने की आहट रहे

मैं तो हर पल बस यही दुआ करता हूँ कि तूँ जहाँ भी रहे सलामत रहे